#BIHAR #INDIA : अक्टूबर के दूसरे सप्ताह से शहर में सांस लेना मुश्किल होने लगा है। जैसे-जैसे तापमान में कमी आएगी वैसे-वैसे स्थिति और बिगड़ेगी। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद नई दिल्ली द्वारा जारी राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक में पटना को खराब कैटगरी में रखा गया है।

बुधवार को शाम चार बजे तक पटना के वायु गुणवत्ता की जांच की गई, जिसमें सूचकांक 207 पाया गया। इस सूचकांक के मुताबिक वायु में पीएम 2.5 यानी महीन धूलकण की मात्रा मानक से कहीं अधिक है। इससे आम जनता को भी ज्यादा देर तक शहर में खुले में घूमने पर सांस लेने में परेशानी होगी। वहीं, मुजफ्फरपुर की हालत पटना जैसी हो गई है। यहां का भी राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक 204 पहुंच गया है। देशभर के कुल 108 शहरों की वायु गुणवत्ता सूचकांक जारी हुई है।

इसमें दिल्ली समेत 10 शहरों की हवा बहुत खराब हो चुकी है। 24 ऐसे शहर हैं जो खराब कैटेगरी में आ चुके हैं। इनमें बिहार से पटना और मुजफ्फरपुर भी शामिल हैं। विशेषज्ञों की मानें तो अभी यह शुरुआत हैं, अगर शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव नहीं हुआ तो लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा। पटना में वायु प्रदूषण के कारणसड़कों के किनारे धूलकण की मात्रा अधिक होनाअभी जलजमाव वाले इलाके में गंदगी और कचरा का ठीक से निपटारा नहीं होना, मौसम में ठंडापन आने से धूलकण का ज्यादा ऊंचाई तक नहीं जाकर वायुमंडल में ही तैरते रहना।

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