गया. गांधी मैदान में बेटियों ने सेल्फ डिफेंस का सामूहिक प्रदर्शन कर समाज को संदेश दिया कि वे अपनी सुरक्षा खुद कर सकते हैं और दुश्मनों को उसी के भाषा में मुंहतोड़ जवाब देने में भी सक्षम हैं।
हरिहर सुब्रह्मणियम स्टेडियम में मंगलवार को आयोजित मिशन साहसी-2018 कार्यक्रम में जिले के 35 स्कूलों की ढ़ाई हजार से अधिक छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान छात्राओं ने जूडो-कराटे, मार्शल आर्ट और ताईक्वांडो आदि का प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। पिछले 15 दिनों से एबीवीपी के सदस्य महिला सशक्तीकरण, सुरक्षा और छात्राओं में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम चला रहे थे।
डीएम अभिषेक सिंह, एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य प्रो. उमेश कुमार, समाजसेवी उषा डालमिया, मुंगेर विवि की प्रति कुलपति प्रो. कुसुम कुमारी, आरएसएस के विभाग प्रचारक उमेश रंजन, एमयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. आनंद सिंह, नीलम महाजन और विभाग प्रमुख दीपचंद गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
बेटियों की आत्म सुरक्षा के लिए आयोजित गया का है पहला कार्यक्रम
कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए डीएम श्री सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी की जोश, उर्जा और आत्मविश्वास को सही दिशा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि युवा ही भारत की शक्ति हैं। युवा आबादी में 50 फीसदी जनसंख्या हमारी बहनों की है। उन्होंने कहा कि इस देश में देवी और दुर्गा के रूप में महिलाओं की पूजा होती है।
डीएम ने कहा कि इस कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि बेटियों की आत्म सुरक्षा के लिए आयोजित यह गया का पहला कार्यक्रम है। मुंगेर विश्वविद्यालय की प्रति कुलपति डॉ. कुसुम ने कहा कि देश की नारियां कभी भी कमजोर नहीं रही हैं। कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से उनका आत्म विश्वास और बढ़ेगा। समाजसेवी उषा डालमिया ने भी छात्राओं की हौसला-आफजाई की। इस दौरान डीएम ने छात्राओं को पुरस्कृत किया। मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति हुई।