#JHARLHAND #INDIA : पानी की तरह पैसा बहाने वाले उम्मीदवारों को इस बार के चुनाव में लेने के देने पड़ सकते हैं। ज्यादा खर्च करके कम दिखाने की पुरानी आजमाई तरकीब इस बार महंगी पड़ सकती है। बैंकों के जरिए पैसे के ट्रांसफर से महंगे तोहफों के लेन-देन तक पर पैनी निगाह होगी।

चुनाव आयोग सभाओं में उपयोग की गई कुर्सियों की संख्या से लेकर चुनाव प्रचार के नुक्कड़ नाटकों में कलाकारों के स्तर और उनके मेहनताने तक पर पैनी निगाह रखने वाला है। यहां तक कि उम्मीदवारों के कैंप में कार्यकर्ताओं को परोसे जाने वाले भोजन के आइटम की भी वीडियोग्राफी होगी। इसकी शुरुआत नामांकन के दौरान उम्मीदवार के शक्ति प्रदर्शन से ही शुरू हो जाएगी। हर विधानसभा क्षेत्र में उम्मीदवारों के चुनाव खर्च छह तरह की खुफिया निगाहों में कैद होंगे। आचार संहिता उल्लंघन से लेकर हर सभा में होने वाले खर्च और कार्यकर्ताओं को दी गई चुनाव सामग्री के दाम की गोपनीय मॉनीटरिंग भी छह अलग-अलग स्तरों पर होगी। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में हर विधानसभा के लिए अलग-अलग टीमों की तैनाती होनी है।


