#BIHAR #INDIA : उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि गरीबों के वोट पर पुश्तैनी दावा करने वाले जिन लोगों ने आयुष्मान योजना पर चुप्पी साधी थी या चुनावी घोषणा बताया था, वे अब बिहार-यूपी जैसे कुछ राज्यों में वांछित सफलता न मिलने पर हायतौबा मचने लगे हैं। राज्य सरकार योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए मरीजों का गोल्ड कार्ड बनाने में आने वाली कठिनाइयां दूर करेगी। पीड़ित मानवता की सेवा के प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा किया जाएगा।

मंगलवार को ट्वीट कर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में 50 करोड़ गरीबों को हर साल 5 लाख रुपये तक का इलाज कैशलेस कराने की सुविधा देने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की थी। उस समय विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसकी सराहना की थी और इसे गरीबों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजना बताया था।

एक अन्य ट्वीट में कहा कि जेएनयू में फीस वृद्धि कोई इतना बड़ा मुद्दा नहीं कि इसके लिए संसद मार्च निकाला जाए। हकीकत यह है कि देश के टुकड़े-टुकड़े करने के नारे लगाने जैसी गतिविधियों में संलिप्त रहे लोग अब गरीब परिवारों के छात्रों को गुमराह कर राजनीतिक रोटी सेंकना चाहते हैं। आश्चर्य है कि राजद के जिन कर्णधारों ने कॉलेज-विश्वविद्यालय का मुंह नहीं देखा, वे भी बयान दे रहे हैं।
