#BIHAR #INDIA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार में फसल चक्र बदलेगा। जलवायु परिवर्तन को देखते हुए यह बदलाव आवश्यक हो गया है। इससे एक तरफ किसानों की आमदनी बढ़ेगी तो दूसरी ओर फसल का नुकसान भी रुकेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से ही यह बात मेरे दिमाग में थी। मुझे खुशी है कि आज यह शुरू हो रहा है। इस कार्य में जितनी भी राशि की जरूरत होगी, राज्य सरकार देगी। मुख्यमंत्री बुधवार को सीएम सचिवालय के संवाद में जलवायु के अनुकूल कृषि कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद बोल रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम का मकसद है कि मौसम के अनुरूप किस प्रकार से किन-किन फसलों की खेती की जानी चाहिए, यह चिह्नित करना। ताकि किसानों को बेहतर लाभ मिले। पहले बिहार में 15 जून से ही मानसून की शुरुआत हो जाती थी। पर अब इसमें विलंब होता है। कई सालों से यहां सिर्फ धान-गेहूं और मक्का की परंपरागत खेती की जा रही है। बारिश की कमी से धान की समय पर बुआई में समस्या आती है।

