#BIHAR #INDIA : राजद ने संगठन में अति पिछड़े और दलितों के लिए 45 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था के बाद प्रदेश अध्यक्ष की कमान पहली बार किसी सवर्ण नेता को सौंपा है। इस पद के लिए सोमवार को एकमात्र नामांकन पूर्व सांसद जगदानंद ने किया। अब 27 नवम्बर को राज्य परिषद की बैठक में उनके नाम की घोषणा की औपचारिकता ही शेष है।

जगदानंद के नामांकन के समय पार्टी कार्यालय में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि पार्टी का यह फैसला वर्ष 2020 के चुनाव में परिणाम देगा। हमारे अभिभावक हैं और स्थापना काल से लेकर आज तक की परिस्थितियों से अवगत हैं। हमने पहले ही कहा था कि राजद सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है। हर तबके के गरीब की लड़ाई पार्टी शुरू से लड़ती रही है। इसके पहले जगदानंद ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए राज्य निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. तनवीर हसन के समक्ष चार सेटों में नामांकन किया। सभी सेट में दस-दस प्रस्तावक थे। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष प्रस्तावकों में शामिल थे।

नामांकन के बाद ही राष्ट्रीय सहायक निर्वाचन पदाधिकारी चितरंजन गगन व सहायक राज्य निर्वाचन पदाधिकारी मदन शर्मा, निराला यादव, डॉ. प्रेम कुमार गुप्ता और निर्भय अम्बेदकर के साथ चार सेट में प्राप्त नामांकन पत्रों की जांच की गई। जांच में सभी सेट वैध पाये गये। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया के लिए जगदानंद को राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी बनाया था, लेकिन उनसे इस्तीफा ले लिया गया था। इस बीच सारे काम सहायक निर्वाचन अधिकारी चितरंजन गगन करते रहे। बैठकों में जगदानंद की अनुपस्थिति पर सवाल भी खड़े किये जाते रहे, लेकिन उनके इस्तीफे की घोषणा पार्टी ने नामांकन के ठीक पहले की।
