कविता आधे दर्जन से अधिक बार राष्ट्रीय स्तर की रग्बी टूनामेंट में भाग ले चूकी है. इससे पहले महाराष्ट्र, चंडीगढ़, हैदराबाद, चैन्नई, पटना तथा ओड़िशा में आयोजित राष्ट्रीय रग्बी टूनामेंट में दम दिखा चुकी है. ओड़िशा में वेस्ट प्रदर्शन के कारण कविता का चयन इंडिया कैंप के लिए किया गया. एक से 10 सितंबर तक ओड़िशा के मयूरभंज में आयोजित प्री कैंप में 45 लड़कियों का चयन किया गया. जबकि, पांच से 17 अक्टूबर को ओड़िशा के कीट यूनिवर्सिटी में आयोजित फाइनल कैंप में 23 महिला खिलाड़ियों का चयन किया गया. लेकिन, ब्रुनेई में आयोजित होनेवाली एशिया रग्बी वुमेंस ट्रॉफी के लिए भारत से 12 लड़कियों का चयन किया गया.
बिहार की दो बेटियों ने ब्रुनेई में दिखाया दम
ब्रुनेई में आयोजित एशिया रग्बी वुमेंस ट्राफी के लिए बिहार से दो, महाराष्ट्र से दो, दिल्ली से तीन, पश्चिम बंगाल से एक तथा ओड़िशा से चार लड़कियों का चयन किया गया. इसमें खगड़िया की कविता तथा बाढ़ की स्वीटी ने रग्बी ट्राफी में दम दिखा कर लौटी है.
सेमीफाइनल तक खेले भारत के खिलाड़ी
ब्रुनेई में आयोजित टूनामेंट में भारत की टीम सेमीफाइल तक ही खेल पायी. भारत का रग्बी टीम का मुकाबला फिलिपिंस,नेपाल, पाकिस्तान, मलयेशिया, लाओस, इंडोनेशिया, गुयाइना आदि देश के खिलाड़ियों के साथ 21 से 23 अक्तूबर तक हुई, जिसमें खगड़िया की बेटी का चयन वेस्ट सेवन प्लेयर के लिए किया गया था.
भारत के लिए गोल्ड लाने का है लक्ष्य
खगड़िया की बेटी कविता ने बताया कि अब वह दिन दूर नहीं है, जब भारत के लिए वह गोल्ड मेडल प्राप्त करेगी. कविता ने बताया कि उनका एक ही लक्ष्य है. जल्द से जल्द खगड़िया को रग्बी ही नहीं कबड्डी में भी बेहतर प्रदर्शन के बल पर गोल्ड मेडल प्राप्त करेंगे. मालूम हो कि कविता रग्बी फुटबॉल ही नहीं कबड्डी में भी 15 स्टेट में बेहतर प्रदर्शन कर चुकी है. कविता ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने का श्रेय कबड्डी संघ के सचिव सह शिक्षा नेता मनीष कुमार सिंह को जाता है.