केन्द्र सरकार ने आम आदमी की निजता को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट की बैठक में गुरुवार को केन्द्र सरकार ने निजी डेटा संरक्षण विधेयक 2019 को मंजूरी दे दी है। अब अगर कोई कंपनी, साइट या एप आपका डाटा चुराती है तो उस पर भारी जुर्मा’ना लगेगा। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस आशय की जानकारी दी।

इस विधेयक में निजी डेटा के संचालन के संबंध में ढांचा तैयार करने की बात कही गई है जिसमें सार्वजनिक एवं निजी निकायों के आंकड़े भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज संपन्न केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। जावड़ेकर ने संवाददाताओं को बताया कि यह विधेयक संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र में ही पेश किया जायेगा।

समझा जाता है कि विधेयक में निजी डेटा हासिल करने, भंडारण और एकत्र करने के बारे में व्यापक दिशानिर्देश होने के साथ ही व्यक्तियों की सहमति, दंड, मुआवजा, आचार संहिता और उसे लागू करने के मॉडल का भी उल्लेख होगा । पिछले सप्ताह सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि सरकार जल्द ही संसद में निजी डेटा के संरक्षण के बारे में एक संतुलित विधेयक पेश करेगी ।
