
PATNA : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति एक साल में ही अपने फैसले से पलट गयी। 2017 की इंटर प्रैक्टिकल परीक्षा दूसरे स्कूल के सेंटर पर हुई थी। लेकिन अब बिहार बोर्ड ने अपने ही फैसले को पलटते हुए प्रैक्टिकल परीक्षा फिर से होम सेंटर पर आयोजित करने का फरमान जारी कर दिया है। दरअसल 2016 की प्रैक्टिकल परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर गणेश कुमार नाम के छात्र को इंटर टॉपर बना दिया था। इससे पूरे देश में बिहार की जगहंसाई हुई थी। बिहार बोर्ड की इंटर परीक्षा फरवरी 2019 में होगी।

बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2019 के फरवरी महीने में होगी। इसकी तिथि की घोषणा 16 नवम्बर को की जाएगी। उसी दिन मैट्रिक परीक्षा 2019 की तारीख की भी घोषणा की जाएगी। इंटर परीक्षा का प्रैक्टिकल जनवरी महीने में होगा। इस बार बिहार बोर्ड ने प्रैक्टिकल परीक्षा को लेकर नियमों में बदलाव किया है। अब होम सेंटर पर ही प्रैक्टिकल की परीक्षा होगी।

होम सेंटर पर दूसरे विद्यालय से आये संबंधित शिक्षक एक्सटर्नल एक्जामिनर होंगे। जब कि होम सेंटर स्कूल के शिक्षक इंटरनल एक्जामिनर होंगे। प्रैक्टिकल में शत प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य होगी।हालांकि बिहार बोर्ड के इस फैसले से माध्यमिक शिक्षक संघ तर्कसंगत नहीं बता रहा है। संघ ने कहा है कि सरकार ने प्रयोगशाला के लिए राशि तो भेज दी लेकिन अधिकांश जगहों परे प्रयोगशाला शुरू नहीं की जा सकी। अधिकांश स्कूलों में विज्ञान के शिक्षक नहीं हैं। छात्रों ने जब प्रैक्टिकल ही नहीं किये हैं तो इसकी परीक्षा कैसे देंगे।