
PATNA : टीईटी फर्जीवाड़ा के खुलासे और सफलतापूर्वक उद्भेदन को लेकर आईपीएस अधिकारियों के साथ ही कई पुलिसवालों को सम्मानित किया गया है। इनलोगों को सम्मान राशि से भी नवाजा गया है।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि सीनियर एसपी मनु महाराज व उनकी टीम को बिहार प्रारंभिक शिक्षक (प्रशिक्षित) पात्रता परीक्षा, 2011 के परीक्षाफल में तथाकथित रूप से परिवर्तन करने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने, इससे संबंधित अन्य प्रकार के फर्जीवाड़ा का खुलासा करने तथा इसके बाद इस मामले में शामिल व्यक्तियों को गिरफ्तार करने के लिए सम्मानित किया गया।

सम्मान स्वरूप पुलिस पदाधिकारियों को पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। सीनियर एसपी मनु महाराज के अलावा एसपी अमरकेश डी, डीएसपी मनोज कुमार सुधांशु, कोतवाली इंस्पेक्टर रामशंकर सिंह, दारोगा संजय कुमार, कैसर आलम, दिवाकर विश्वकर्मा, मृत्युंजय कुमार, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के कुमार धर्मेंद्र सिंह और अमलेश कुमार को सम्मानित किया गया। इसके अलावा गोपालगंज के एसपी राशीद जमां, एसडीपीओ नीरज सिंह, इंस्पेक्टर रवि कुमार, सब इंस्पेक्टर रितेश कुमार सिंह और सब इंस्पेक्टर ब्रज भूषण सिंह को भी पुरस्कार से नवाजा गया। इन सभी को गायब हुई मैट्रिक परीक्षा की उत्तरपुस्तिका मामले को सॉल्व करने के लिए सम्मानित किया गया।

गौरतलब हो कि मैट्रिक परीक्षा 2018 की उत्तर पुस्तिका गोपालगंज के एसएस गर्ल्स हाई स्कूल से गायब हुई थी। सभी पुलिस पदाधिकारियों को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने सम्मानित किया। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष ने बताया कि TET 2011 में फर्जी बहाली हुई थी जिसमें 12 फर्जी शिक्षक गिरफ्तार किए गये थे।