
MUZAFFARPUR : मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में फरार चल रहीं पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा ने सरेंडर कर दिया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार खाक छान रही थी.

पूर्व समाज कल्याण मंत्री की गिरफ्तारी से पहले कोर्ट ने उनके आवास को कुर्की जब्ती आदेश दिया जाता था. उन्होंने मंझौल कोर्ट में सरेंडर किया है.

बताया जा रहा है कि कुर्की के बाद मंजू के खाता सीज होने वाला था। इसके कारण मंजू पर और दवाब बढ़ गया था। जिसके कारण मंजू ने सरेंडर करना ही बेहतर समझा। मंजू के फरारी के कारण जदयू ने भी पार्टी से पहले ही निलंबित कर दिया था.

खबर है कि मंजू वर्मा ने एक गाड़ी में तीन लोगों के साथ आकर चुपचाप बेगूसराय जिले के मंझौल न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। बुरका पहनकर आई मंजू वर्मा ने एसीजेएम प्रभात त्रिवेदी के न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने आत्मसमर्पण करने के लिए एक अल्टो कार का सहारा लिया है। इजलास में पहुंचते ही मंजू बेहोश हो गईं, लेकिन जबतक कोई कुछ कर पाता वो थोड़ी देर में उठकर खड़ी हो गईं।

मंजू वर्मा को कोर्ट रूम में ही बैठाकर रखा गया। कोर्ट में डॉक्टर को भी बुलाया गया जिन्होंने उनका चेकअप किया। चेकअप के बाद उनका बीपी नार्मल पाया गया। उन्हें 1 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उसी दिन न्यायालय में पेशी होनी है। कैदी वैन में बिठाकर मंजू वर्मा को मंडल कारा भेजा गया जहाँ वह 1 दिसंबर तक रहेंगी।

गौरतलब हो कि आर्म्स एक्ट मामले में मंजू वर्मा फरार चल रही थीं और पुलिस सरगर्मी से उनकी तलाश कर रही थी। उनकी तलाश अन्य राज्यों में भी की जा रही थी। वहीं इस मामले में उनकी संपत्ति की कुर्की-जब्ती की भी कार्रवाई चल रही थी।
पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही थी। लेकिन, आज उन्होंने पुलिस को चकमा देते हुए कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है।

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