
उन्होंने कहा कि सेना, नौसेना और वायुसेना सं’क्रमितों की देखभाल के लिए 17-18 अस्पतालों को समर्पित करने के काम में जुट गई है और सशस्त्र बलों की कुल बेड क्षमता को 15,000 तक बढ़ा दिया गया है। जनरल रावत ने कहा, ‘हमारे पास नगालैंड में दीमापुर और जखामा जैसी दूर-दूर जगहों पर भी अस्पताल तैयार हैं, भले ही यह वा’यरस उत्तर-पूर्व भारत में नहीं फैला है। अब हमारे पास सं’क्रमण के उपचार, प्रबंधन और नियंत्रण के लिए प्रत्येक क्षेत्र में दो से तीन अस्पताल तैयार हैं।’
सीडीएस रावत ने कहा कि सेना और उसके डॉक्टर लगातार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संपर्क में हैं और वह सैन्य मामलों के सचिव के रूप में, प्रधानमंत्री के मुख्य सचिव पीके मिश्रा और कैबिनेट सचिव राजीव गौबा के साथ बैठकों में भाग ले रहे हैं। जनरल रावत ने कहा कि हर अस्पताल में एक वार्ड, जिसमें दिल्ली जैसे स्थान भी शामिल हैं जहां बेस अस्पताल में आमतौर पर भीड़ होती है, वह कोविड-19 रोगियों के लिए समर्पित होगा।