मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को लॉकडाउन में विभिन्न जगहों पर फंसे बिहार के लोगों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 50 करोड़ जारी करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया है। इस राशि का व्यय आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से लॉकडाउन में फंसे लोगों की सहायता के लिए किया जाएगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मुझे विश्वास है कि को’रोना महामा’री से निपटने में हम सबको जरूर सफलता मिलेगी। समाज में एकता-भाईचारा और सद्भावना के साथ एक दूसरे का सहयोग कर इस महामा’री से निपटने में हम सब कामयाब होंगे। वीडियो कॉन्फ्र्रेंंसग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि को’रोना सं’क्रमण से निपटने के लिए सभी लोग मिल-जुलकर काम कर रहे हैं। सभी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने प्रमण्डलीय आयुक्तों को निर्देश दिया कि वे प्रमण्डल के जिलों के साथ समन्वय सुनिश्चित करें। सभी अपनी-अपनी भूमिका का निर्वहन करेंगे तो हम कामयाब होंगे। लॉकडाउन के दौरान सभी प्रकार की व्यवस्था ठीक रहे, इसकी सघन मॉनिर्टंरग सुनिश्चित की जाये। हम सबका दायित्व है कि पी’ड़ितों की पी’ड़ा को दूर करें। लोग सोशल डिस्र्टेंंसग का पालन करें। इसके बारे में माइक के माध्यम से प्रचारित कर इस संबंध में लोगों को जागरूक और प्रेरित करें।

उन्होंने कहा कि सीमा पर गाड़ियों की सघन जांच करायी जाए। जो लोग भी राज्य में बाहर से आते हैं उनकी सघन स्क्र्रींनग करायी जाए ताकि कोई सं’दिग्ध न छूटे। कहा कि जिन्हें भी सं’क्रमण की थोड़ी आशंका हो वो जांच केंद्र पर जाकर जांच कराएं इससे उनके परिवार और आसपास के लोग सुरक्षित रहेंगे। मुख्यमंत्री बोले, को’रोना सं’क्रमण से बचाव के लिये किये जा रहे कार्यों के साथ -साथ एईएस से बचाव हेतु समानांतर व्यवस्था रखी जाय।
Input : हिन्दुस्तान