बिहार में 27 हजार से अधिक कल-कारखानों को राज्य सरकार ने चालू करने की हरी झंडी दे दी है. इस संबंध में औद्योगिक यूनिटों के संचालकों से पूछा है कि क्या वे अपने उद्याेग-धंधे को चालू करना चाहते हैं? अगर हां तो उनसे आवेदन लिये जायेंगे. उन्हें मजदूरों की स्वास्थ्य सुरक्षा का जिम्मा देते हुए उद्योग चलाने की अनुमति दी जायेगी. इसके साथ ही उद्योग विभाग ने खादी व हैंडलूम बोर्ड को बड़े पैमाने पर गमछा और मास्क तैयार करने को कहा है.

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक प्रदेश में 27 हजार छोटी-बड़ी औद्योगिक यूनिट हैं. विभाग ने सोमवार को इन संभावनाओं के मद्देनजर एक उच्चस्तरीय बैठक भी की. उद्योगों को भेजे गये पत्र में कहा भी गया है कि इन यूनिटों में कार्यरत कर्मियों की संख्या और उनके वेतन की जानकारी भी मांगी है. लघु एवं सूक्ष्म उद्यमियों को केंद्र सरकार जल्दी ही पैकेज भी देने जा रही है. इसमें इन यूनिटों का डाटा बेस काम करेगा. इससे पहले लॉकडाउन के दौरान खाद्य प्रसंस्करण सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में शामिल उद्योग चालू कराये गये हैं.

इसके अलावा 10 अप्रैल से अल्ट्राटेक, डालमिया और श्री सीमेंट के उत्पादन के साथ ही जूट फैक्टरी को भी चालू कराने का आदेश जारी कर दिया गया है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक उद्योग चलाने के लिए डीएम को अनुमति पत्र जारी करने के लिए आदेश दिया गया है. उद्योग विभाग के तहत एससी,एसटी और पिछड़ा वर्ग निगम के कार्य भी शुरू करने का निर्देश दिया गया है.
