देश में को’रोना वा’यरस के प्रसार को रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लॉन्च किए गए मोबाइल एप आरोग्य सेतु पर विपक्ष के सवालों और आ’रोपों को केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने निराधार बताया है। केंद्रीय आईटी मंत्री प्रसाद ने कहा कि यह एप डाटा और निजता की सुरक्षा के मामले में बहुत मजबूत है। प्रसाद ने कहा, ‘यह भारत का तकनीकी अविष्कार है और कोविड-19 से ल’ड़ने में कारगर है।’
मंगलवार को फ्रांस के एक हैकर और साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट इलियट एल्डर्सन ने दावा किया था कि आरोग्य सेतु एप की सुरक्षा में खामी पाई गई है और कहा था कि नौ करोड़ भारतीय नागरिकों की निजता ख’तरे में है।इस दावे को खारिज करते हुए भारत सरकार ने कहा था कि एथिकल हैकर द्वारा किसी भी उपयोगकर्ता की जानकारी खतरे में होने की बात नहीं कही गई है

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी कुछ दिन पहले आ’रोप लगाया कि ‘आरोग्य सेतु’ एप एक अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली है जिससे निजता और डाटा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो रही है। राहुल ने ट्वीट में कहा था कि आरोग्य सेतु एक अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली है जिसे एक निजी ऑपरेटर को आउटसोर्स किया गया है और इसमें कोई संस्थागत जांच-परख नहीं है।
मंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति के सं’क्रमित होने की स्थिति में यह एप उसके संपर्क में आए लोगों को ढूंढने में भी मदद करता है। उन्होंने स्पष्ट किया, ‘यह एक बेहतरीन अविष्कार है और कई अन्य देश कोरो’ना से ल’ड़ने के लिए अब इसी तरीके के एप का इस्तेमाल कर रहे हैं। सामान्यत: किसी सुरक्षित व्यक्ति का डाटा 30 दिन में मिट जाता है और संक्रमित होने की स्थिति में डाटा 45 से 60 दिन बाद मिटता है।’
प्रसाद ने कहा कि इसके साथ ही आपके पास एप को अनइंस्टॉल या डिलीट करने की सुविधा व्यक्ति के पास हमेशा होती है। उन्होंने कहा, ‘फिर यह हंगामा किस बात पर हो रहा है। देश ने इसकी उपयोगिता को समझा है और इसे स्वीकार किया है।’