
MUZAFFARPUR (ARUNNKUMAR) : कोरो’ना सं’कट के बीच मुजफ्फरपुर जिला पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. आज शुक्रवार को कुढ़नी थाना क्षेत्रान्तर्गत तुर्की ओपी के खरौना डीह गांव के दक्षिणी पट्टी में गुप्त सूचना के आधार पर की गई का’र्रवाई के दौरान तीन व्यक्तियों को भारी मात्रा में हथि’यार, कार’तूस, अर्धनिर्मित कार’तूस और हथि’यार के साथ गिर’फ्तार किया गया है. छा’पेमारी के दौरान पुलिस टीम को हथि’यार और कार’तूस बनाने के कई उपकरण और मिनी लेथ मशीन के साथ ही एक ट्रैक्टर, एक ऑटो व कई बाइक भी बरा’मद किये गए हैं.
वरीय पुलिस अधीक्षक जयंत कांत के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक नगर नीरज कुमार के साथ सदर, तुर्की ओपी की पुलिस के साथ ही कई थानों की पुलिस द्वारा की गई संयुक्त का’र्रवाई के दौरान शा’तिर हथि’यार तस्कर व हथि’यार निर्माता स्वर्गीय शंकर चौधरी के पुत्र विपिन बिहारी उर्फ़ विपिन कुमार समेत तीन व्यक्ति बताये जा रहे हैं. पुलिस के वरीय अधिकारियो समेत आईबी की टीम गिर’फ्तार व्यक्तियों से सघन पू’छताछ कर रही है.

इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक नगर नीरज कुमार सिंह में बताया की छा’पेमारी के दौरान 4 पि’स्टल, तीन रिवा’ल्वर, एक क’ट्टा, एक अर्धनिर्मित राइ’फल, 303 बो’र का का करीब 80 जिंदा कार’तूस, 9 एमएम का 10 राउंड जिन्दा कार’तूस, पॉइंट 72 का 10 राउंड जिन्दा कार’तूस, 5000 राउंड पि’स्टल का अर्ध निर्मित का’रतूस और 5000 पि’लेट, 5000 हज के साथ ही अन्य वि’स्फोटक पदार्थ ब’रामद किया गया है. इसके साथ ही हथियार बनाने का उपकरण व अन्य औ’जार बरा’मद किये गए हैं. सिटी एसपी ने बताया की छा’पेमारी अभी जारी है.
बता दें की पुलिस के हत्थे चढ़ा विपिन बिहारी उर्फ़ विपिन कुमार काफ़ी शा’तिर हथि’यार त’स्कर और मंजा हुआ हथि’यार निर्माता है, और कई बार पुलिस के ह’त्थे चढ़ चुका है. राकेट लॉ’न्चर से लेकर बड़े से बड़े और छोटे से छोटे हथि’यार व हर बो’र के कार’तूस बनाने में इसे महा’रत हासिल है. कैसा भी हथि’यार हो चुटकी बजाते मिनटों में उसकी बनावट समझ जाता है उसका देशी रूप (डुप्ली’केट) बना लेता है. दिमाग़ से इतना शातिर है की खोखा व पीतल के बर्तनों का इस्ते’माल कर उसे डाई पर क’टिंग कर कार’तूस और उसके पीछे का भाग बनाता है.

वर्ष 2011 के दिसम्बर माह में तत्कालीन एसएसपी राजेश कुमार और पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय मनीष कुमार के साथ ही मिठनपुरा थानाध्यक्ष अरुण पासवान द्वारा की गई छा’पेमारी के दौरान बेला औद्योगिक क्षेत्र के इमली चौक के पास राजपूत टोला निवासी नागेंद्र सिंह के मकान में कशीदा केंद्र की आड़ में तीन कमरे में चल रहे अवै’ध हथि’यार व कार’तूस फैक्ट्री का भंडाफो’ड़ करते हुए सैकड़ो राउंड कार’तूस के साथ ही हजारों अर्धनिर्मित का’रतूस, लेथ मशीन, पीतल के बर्तनों के साथ विपिन विहारी समेत पूर्वी चम्पारण के फेनहारा थाना क्षेत्र निवासी मिनीग’न फ़ैक्ट्री के संचालक को गिर’फ्तार किया था. गिर’फ़्तारी के उपरांत ख़ु’फ़िया विभाग की टीम ने मिठनपुरा थाना पर दोनों से घंटों पू’छताछ भी की थी.
पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया था की हथि’यारों और का’रतूसों की खे’प वह मुंगेर निवासी किसी क्रांति नामक व्यक्ति को देते थे. एसएसपी और डीएसपी मुख्यालय के नेतृत्व में मिठनपुरा थाना की गई का’र्रवाई के दौरान मौके से रिवॉ’ल्वर की 23 गो’लियां, 9 एमएम पि’स्टल की 29 गो’लियां व 460 खोखा, पि’स्टल तैयार करने का फार्मा, भारी मात्रा में तैयार गो’लियों का अगला भाग, 3 मोबाइल, 8 सिमकार्ड, छोटा लेथ मशीन, गुना काटने वाला मशीन, ड्रिल मशीन, प्रेस मशीन, प्लेट मशीन, छोटा पोलिश मशीन, लेथ मशीन का सेंटर, हेंट कटर मशीन, वाशर कटिंग मशीन, छोटा जनरेटर, हैंड ड्रिल मशीन, 1वेल्डिंग मशीन, पीतल गलाने वाला चूल्हा, बत्ती कटर, ऑक्सीजन सिलिंडर, कार्बाइड सिलिंडर, स्वेटर बुनने का निटिंग मशीन, भाईस मशीन, निहाथ लोहा पीटने वाला औ’जार आदि बरा’मद किया गया था. इससे पूर्व भी वर्ष 2006 में फेनहारा निवासी मिनीगन फ़ैक्ट्री संचालक राके’ट लॉ’न्चर व हथि’यार बनाने के आ’रोप में फकुली रजला से गिर’फ्तार हो चुका है.

बताया जाता है की विपिन 2011 में जेल में रहने के दौरान इसकी पहचान किसो योग के जानकार से हो गई, जिसकी सोहबत में इसने शरीर को लचीला और मजबूत रखने के गुर सीख लिये. इसके शरीर पर न तो किसी चो’ट का असर होता है ना ही किसी ज’ख्म का. योग के द्वारा इसने अपने शरीर को बेहद मज’बूत बना रखा है.
2016 में जे’ल से आने के बाद विपिन ने फिर से अप’राध की दुनिया में कदम रखा और एक बार फिर से हथि’यार निर्माण में जुट गया. 16 जुलाई 2016 को लखीसराय जिले के मेदनी चौकी पुलिस ने शनिवार को पहाड़पुर गांव स्थित एनएच-80 से विपिन को खदेड़ कर गिर’फ्तार करते हुए उसके पास से एक पि’स्तौल व 400 जिंदा कार’तूस भी बरा’मद किया था. इस पर हथि’यार त’स्करी की प्राथमिकी मेदनी चौकी थाने में दर्ज है. बे’ल पर रि’हा होने के बाद वाह पुनः मुंगेर में 1000 राउंड कार’तूस और हथि’यार के साथ गिर’फ्तार होकर जेल गया. जे’ल से छू’टने के बाद से वह फ’रार था.








