#MUZAFFARPUR के यजुआर गांव का हाल व खंड’हर अस्प’ताल ट्विटर पर हुआ ट्रेंड, जनता में रो’ष, जिलाधिकारी ने लिया सं’ज्ञान

MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : बीते रविवार 14 जून को सोशल मीडिया प्लेटफार्म (ट्विटर) पर हैशटैग यजुआर हॉस्पि’टल (#Yajuar hospital) काफी ट्रेंड हुआ. मामला दरअसल बिहार के सबसे बड़ी आबादी वाले औराई के यजुआर गाँव से सम्बंधित है, जो मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड में आता है. इस गांव की आबादी लगभग 1 लाख से भी अधिक है, लेकिन गांव में स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर 25 वर्ष पुराना एक खंड’हर हो चुका अस्प’ताल है , जहाँ ना तो कोई चिकित्सक हैं ,और ना ही किसी प्रकार की कोई द’वा की उपलब्धता है.

वर्षो पहले 1970 के दशक में यजुआर अस्प’ताल का निर्माण कार्य हुआ था, जिसके लिए गांव के एक गणमान्य नागरिक ने अस्पताल के लिए 1 एकड़ जमीन दान में दी थी. उस जमीन में एक 7 बेड के अस्पताल का भव्य निर्माण हुआ. डॉ’क्टर के साथ साथ सभी स्वा’स्थ्य सुविधा अस्प’ताल में उपलब्ध कराया गया, जिससे गांव और आस पास के लोगों को स्वास्थ्य की हर सुवि’धा अपने गांव यजुआर में ही उपलब्ध होने लगी. लेकिन प्रशासनिक उदा’सीनता और जनप्रतिनिधियों की अनदे’खी से दुर्भा’ग्यवश धीरे-धीरे गांव का वह अस्प’ताल खंड’हर में तब्दी’ल होता चला गया.

आज वर्तमान में लगभग 25 साल से अस्प’ताल खंडहर में त’ब्दील हो चुका है. जिसके लिए गांव के युवाओं ने 30 अक्टुबर 2019 को अस्पताल प्रांगण में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन भी किया था. लेकिन उसके बाद भी जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन गहरी नींद में ही सोता रहा. तदुपरांत यजुआर गांव की सामाजिक संस्था “आपका अपना महानगर, यजुआर” के द्वारा 14 जून को ट्विटर पर #Yajuar hospital का अभि’यान चलाया गया, जिसमें गांव के युवाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और सरकारी तं’त्र के खि’लाफ जम कर ट्वीट किया.

#yajuar hospital ट्रेंड करने का परिणाम यह हुआ कि मजबूरन तत्काल मुजफ्फरपुर जिला के जिला अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह के द्वारा यजुआर हॉस्पि’टल के सम्बन्ध में ट्वीट करते हुए यजुआर हॉस्पिटल के रंगाई पोताई वाला फोटो पोस्ट किया और लोगों को बताया कि अस्प’ताल का भवन खं’डहर नहीं बल्कि बन कर तैयार हो चुका है. उसके बाद लोगो ने जिलाधिकारी को 25 वर्ष पुराने खंडहर अस्प’ताल के हालात से रू’बरू करवाया. लोगों ने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि जमीनी स्तर पर अस्प’ताल का मुआ’यना किया जाए जिससे हकी’कत सामने आ जाएगी.

जिलाधिकारी श्री सिंह ने लोगों को भरो’सा दिया कि जल्द ही अस्प’ताल का मुआयना करके जमीनी स्तर पर जां’च की जाएगी.
यजुआर और आसपास के युवाओं ने अस्प’ताल के इस मु’हिम में लगातार लगभग 20 हजार से भी अधिक ट्विट करके नीं’द में सो’ए हुए सरकार को ज’गाने का प्रयास किया गया.

“आपका अपना महानगर, यजुआर” संस्था के संस्थापक राजीव कुमार ने ट्विटर के माध्यम से जिलाधिकारी को एक प्रशासनिक कागजात टैग किया जिसमें अस्प’ताल के नाम से 2017 में 40 लाख रुपए का फंड पास हुआ था लेकिन जमीनी स्तर पर अस्प’ताल में 1 लाख रूपए का भी कार्य नहीं हुआ है. बताया जाता है की सिर्फ अस्प’ताल के मुख्य भवन की रंगा’ई पोताई करवा के 40 लाख रुपए का खे’ल खेला गया.

स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से उसकी भी नि’ष्पक्ष रूप से जां’च करने का आग्रह किया है. यजुआर गाँव के युवाओं ने ए’लान किया है कि अगर सरकार द्वारा इस सप्ताह के अंदर अस्प’ताल के सम्बन्ध में कोई उ’चित कदम नहीं उठाया गया तो 21 जून को फिर से ट्विटर के माध्यम से हैश टैग यजुआर हॉस्पि’टल (#yajuarhospital) चलाया जाएगा , जिसमें यजुआर और आसपास के युवाओं की अहम भागीदारी होगी.

आजा’दी के 73 वर्ष बीत जाने के बावजूद औराई और कटरा के लोगों को चचरी पुल से अब तक मुक्ति क्यों नहीं मिली? कटरा प्रखंड के चंगेल पंचायत के लीलजा नदी पर चचरी पुल के सहारे सहनौली, धोबौली और डुमरी के ग्रामीण जीने को वि’वश हैं. चचरी पुल के कारण यहाँ के ग्रामीण अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा, स्वा’स्थ्य सुविधा नहीं दे पाते, यहाँ तक की गाँव की लड़कियों के रि’श्ते होने में काफी परेशा’नियों का सामना करना पड़ता है. 22 पंचायतों के कटरा प्रखंड में नाम मात्र का दो कमरों का आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर नामक एक स्वा’स्थ्य केंद्र हैं, जिसमें पटना निवासी प्रसाद जी नामक एक फार्मासिस्ट रहते हैं, स्थानीय लोगों ने बताया की वे कभी आते हैं कभी नहीं आते, सुबह 10 से 12 बजे तक ही मिलते हैं, वह भी यदा-कदा.

मुजफ्फरपुर के भवन प्रमंडल के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता के पत्र के आलोक में स्वीकृति प्रदान करते हुए राज्य सरकार के आदेश पर 14 जुलाई 2017 को कटरा प्रखंड के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जजुआर में चिकि’त्सा पदाधिकारी के आवास के मर’म्मति कार्य हेतु 5 लाख 40 हजार 700 रुपये, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मरम्म’ति कार्य हेतु 8 लाख 95 हजार 800 रुपये और इसकी चहारदीवारी निर्माण कार्य हेतु 20 लाख 21 हजार 600 आवं’टित किये गए थे, पर न तो चिकित्सा पदाधिकारी का आवास ही कहीं दिखा और न ही कोई चहारदीवारी, तो आखिर रूपए गए कहाँ? इसकी नि’ष्पक्ष जां’च अवश्य होनी चाहिए. स्थानीय लोगों ने बताया की अतिरिक्त प्राथमिक स्वा’स्थ्य केंद्र की मरम्म’ति के नाम पर लाखों रुपये का घो’टाला हुआ है.

यजुआर पश्चिमी निवासी प्रवीण बजाज उर्फ़ पिंटू कुमार झा ने कहा की लगातार दूसरी बार सांसद बनने के बावजूद आदर्श ग्राम के तहत गो’द लिया हुआ गाँव यजुआर पश्चिमी की हा’लत में सु’धार क्यों नहीं आई? औराई विधानसभा के औराई और कटरा पुल से वं’चित क्यों है? उन्होंने आगे कहा की कोरो’ना सं’कट के इस दौर में मास्क-साबुन कितने घरों तक पहुंचा यह तो पता नहीं. कितने गरीबों का पेट भरा, कितने वंचि’तों-शो’षितों के खाते में सहा’यता राशि पहुंची, यह भी नहीं पता होगा. लेकिन पाती लेकर हमारे सांसद-विधायक स्वयं घर-घर पहुंचा रहे हैं. औराई विधान सभा के लोग यह सब याद रखेंगे क्योंकि चु’नाव नज़दीक है, तो ये भी याद रखा जायेगा कि करो’ना का’ल में आप हमारे सुख दुः’ख में कितने दिन साथ आऐ, कितनी बार हमारी सु’धि ली और वै’श्विक म’हामारी के इस दौर में यजुआर पश्चिमी के लोगों के लिए आपने क्या किया?

औराई विधानसभा में जनप्रतिनिधि हर चु:नावों के वक़्त वा’यदों पर वा’यदें कर तो लेते हैं, पर चुनाव जीतते ही खुद को होम क्वै’रेन्टाइन कर लेते हैं. जिससे दशकों बीत जाने के बाद भी इस क्षेत्र में अब तक न तो शिक्षा, न ही स्वा’स्थ्य व्यवस्था न ही सड़क में कोई बद’लाव हो सका है. यहाँ सवा’ल उठाने पर जनप्रतिनिधियों द्वारा पत्रकारों के खि’लाफ मुक़’दमे ठो’के जा रहे हैं. पर जनसम’स्याओं पर सवा’ल उठाना, जनता की आवाज बनना और सरकार को आईना दिखाते हुए एक मज’बूत वि’पक्ष की भूमि’का अदा करना मुजफ्फरपुर न्यूज़ की पहली प्राथमि’कता है, जिसकी आवाज जोर-जुल्म से कोई नहीं द’बा सकता.

बता दें की श’क्तिपीठ चामुंडा स्थान के कारण यह विधानसभा क्षेत्र देशभर में अपनी पहचान रखता है. इस लिहाज से भी जनप्रति’निधियों समेत जिला प्रशासन को इस आधार पर प्राथ’मिकता देते हुए प्रखंड में विकास कार्य यु’द्धस्तर पर कराये जाने की आवश्य’कता हैं.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading