
MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में आज जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह के द्वारा बा’ढ़ पूर्व तैयारी को लेकर विभिन्न विभागों के साथ समीक्षात्मक बैठक की गई। इस दौरान जिलाधिकारी ने बाढ़ पूर्व किए गए तैयारियों की समी’क्षा करने के साथ ही सभी अधिकारियों को अल’र्ट मोड में रहने का निर्देश भी दिया। अपर समाहर्ता आप’दा अतुल कुमार वर्मा ने संभावित बा’ढ़ 2020 को लेकर अब तक किए गए तैयारियों से जिलाधिकारी को अवगत कराया।

बैठक में उप विकास आयुक्त उज्जवल कुमार सिंह, अपर समाहर्ता राजेश कुमार, दोनो अनुमंडल पदाधिकारी के साथ जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं बा’ढ़ सुरक्षा से संबंधित तक’नीकी विभागों के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। गंडक, बूढ़ी गंडक और बागमती प्रमंडल के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि हाल के दिनों में लगातार मानसूनी वर्षा के कारण कुछ सम’स्याएं सामने आई हैं। परंतु अभी जिले में बा’ढ़ की स्थिति बिल्कुल नहीं है। आज की बैठक में मुख्य रूप से जिले के बा’ढ़ प्रवण प्रखंडों विशेषकर औराई, कटरा और गायघाट को लेकर विशेष रूप से समीक्षा की गई।

बाढ़ प्रवण प्रखंडों में नाव की उपलब्धता, तटबं’धों की स्थिति, जल स्तर एवं वर्षापा’त की स्थिति, मानव एवं पशु द’वाओं की उपलब्धता, क’टाव रोधी कार्य इत्यादि के संबंध में समीक्षा की गई। बैठक में बागमती प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता द्वारा बताया गया कि बागमती नदी में बढ़े हुए जलस्त’र के कारण तटबं’ध के अंदर के गांव और पंचायत प्रभावित हो रहे हैं। मुख्य रूप से उनका संप’र्क प्रभा’वित हो रहा है। औराई में हा’लात स्थि’र और नियं’त्रण में है।

बताया गया कि औराई के अतरार घा’ट पर चचरी पुल पर दबा’व है।इ से देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी को निर्दे’शित किया गया कि वे जल संसा’धन के टीम के साथ जाकर हाला’त का जाय’जा लें और देखें कि यदि चचरी पुल सुरक्षित है कि नहीं। यदि असुर’क्षित है तो तत्काल उसपर आवागमन बं’द कराना सुनिश्चित किया जाए। वहीं कटरा प्रखंड के तहत बाँसघट्टा में चचरी पुल पर दबाव तथा चामुंडा स्थान पर पीपा पुल पर दबा’व की बात सामने आई है। इसे देखते हुए अनुमंडल अधिकारी पूर्वी एवं जल संसा’धन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वह जाकर तत्काल उसका निरी’क्षण कर प्रतिवेदन उपलब्ध कार्य जाय।

उक्त सभी जगहों पर आवश्यकता अनु’सार नाव भी उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं गायघाट की स्थिति अभी नियं’त्रण में है। गायघाट के भटगावां, जगनिया, हरपुर आदि जगहों पर क’टाव की समस्या आई है, संपर्क बा’धित नही हुआ है। वहां के लिए भी जिला स्तर से प्रशासनिक पदाधिकारियों और तकनी’की पदाधिकारियों की टीम जाकर हा’लात का जा’यजा लेगी, इस आशय का भी निर्देश जिलाधिकारी के द्वारा दिया गया, बैठक में बताया गया कि संभावित बा’ढ़ को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर विभिन्न विभागों द्वारा मुक’म्मल तैया’रियां की गई हैं।

सरकारी नावें भी उपलब्ध हैं साथ ही निजी नावों से भी इक’रारनामा किया जा रहा है। बताया गया कि जहां आवाग’मन की सु’विधा पाई जाएगी वहां नाव उपलब्ध कराए जाएंगे परंतु चचरीऔर पीपा पुल के माध्यम से असुरक्षित आवागमन पर संभावित खतरे को देखते हुए रोक लगाई जाएगी। इस संबंध में वस्तु स्थि’ति से अव’गत होने एवं तदनुसार उक्त आ’लोक में का’र्रवाई करने हेतु अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी को निर्दे’शित किया गया है। स्लुईस गेट पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।

बूढ़ी गंडक नदी से संबंधित 90 स्लुईस गेट हैं। जिसमें 11 अप्रा’संगिक हैं। शेष सभी स्लुईस गेट की मर’म्मती करा दी गई है साथ ही सुर’क्षात्मक उपायों के मद्देनजर लगभग 70 स्लुईस गेटों के पास 500 -500 बालू भरे बोरे भी रखवाए गए हैं। बैठक में इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि संभावित बाढ़ को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में मानव द’वा की उपलब्धता सुनि’श्चित कर दी गई है और स्वा’स्थ विभाग आने वाले किसी भी परिस्थि’तियों का सामना करने को तैयार है।


