
MUZAFFARPUR : मुज़फ़्फ़रपुर के प्रोपर्टी डीलर आशुतोष शाही से नगर थाने पर नगर थानेदार धनंजय कुमार ने किया कई घंटों तक पूछताछ किया। दरअसल पुर्व मेयर हत्याकांड के बाद प्रोपर्टी डीलर आशुतोष शाही से लगातार ही पूछताछ किया जा रहा है। वहीं मामले में उक्त प्रोपर्टी डीलर ने अपनी जान को खतरे में देखते हुए शहर के पूर्व विधान पार्षद और परिवार पर हत्या करवाये जाने का भी आरोप लगाया था, जो एसएसपी समेत डीजीपी, मुख्यमंत्री, आईजी, डीआईजी को भी स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेज शिकायत दर्ज करवाया था।
पूर्व मेयर हत्याकांड के बाद शहर के कई प्रोपर्टी डीलर पुलिस के राडार पर थे। जिसमे सुशिल छापरिया सिंडिकेट के दो प्रॉपर्टी डीलर की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है. पुलिस उनके मोबाइल सीडीआर निकलवा रही है, और उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है.

पूर्व मेयर समीर से जुड़े रहे प्रॉपर्टी डीलर आशुतोष शाही को धमकी दिए जाने के मामले में पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। समीर हत्याकांड की जांच कर रहे पुलिस पदाधिकारी व नगर थानेदार ने उससे इस मामले की जानकारी ली है। आशुतोष शाही ने पूर्व एमएलसी और उनके पुत्र पर धमकी दिए जाने के आरोप के बावत भेजे गए आवेदन में दर्शाई गई बातों का समर्थन किया है। आशुतोष शाही ने नगर थानेदार धनंजय कुमार को बताया कि पूर्व एमएलसी रामकुमार सिंह, उनकी पत्नी सुनीति पांडेय और पुत्र डॉ. विनायक गौतम निशाने पर है। पूर्व मेयर हत्याकांड में चिह्नित गैंग के सरगना जो कटरा के धनौर का निवासी बताया जाता है, का नाम बताते हुए उससे खतरा जताया है। आवेदन में दर्शाए गए एमएलसी के पुत्र से उक्त गैंगस्टर का संपर्क की बात भी दोहराई है।

एमएलसी पुत्र के मोबाइल को खंगालने का भी आग्रह किया है। इसके तहत आशुतोष शाही से थाने पर बुलाकर कई बिंदुओं पर पूछताछ की गई। इसके पूर्व भी उनसे पुलिस चार बार पूछताछ कर चुकी है। मालूम हो कि एक करोड़ के ठगी में जेल में बंद सुशील छापडिय़ा के स्वीकारोक्ति बयान में समीर के पार्टनर के रूप में उनके संबंध में बताया गया है। आशुतोष के साथ सुशील भी समीर के सिंडिकेट से जुड़े रहे हैं।