MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : शि’या वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी के खि’लाफ वि’रोध प्रद’र्शन ते’ज हो गया है. रिजवी अपने ही मज’हब के लोगों के नि’शाने पर हैं. वे लगातार अपने विवा’दित बया’नों के चलते सुर्खि’यों में बने रहते है. इस बार उन्होंने क़ु’रान मजीद पर विवा’दित ब’यान दिया है. उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में वजीम रिजवी ने कहा था कि कु’रान की चंद आयतें आ’तंक को ब’ढ़ावा देने वाली हैं और उन्हें ह’टाया जाना चाहिए ताकि आतं’की गतिवि’धियों से मुस’लमान नाम न जुड़ें. इसके लिए शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन रिजवी ने को’र्ट का दरवाजा खटख’टाया ताकि आय’तें हटाई जा सकें. हालांकि इसका परि’णाम कुछ और ही हुआ.
मु’स्लिम समुदाय की पाकी’जा किताब कु’रान मजीद से 26 आय’तें ह’टाने की मां’ग को लेकर सुप्रीम को’र्ट में या’चिका दा’खिल करने के बाद से मु’स्लिम धर्मगुरुओं के साथ पूरा मुस्लि’म समु’दाय वसीम रिजवी के खि’लाफ आक्रो’शित दिखाई दे रहा है. बिहार के मुजफ्फरपुर में आज सोमवार को भारतीय मानवाधिकार सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष एम राजू नैय्यर ने मुख्य न्या’यिक दं’डाधिकारी के न्या’यालय में आईपी’सी की धा’रा 295 ए, 124, 420, 120 (बी) के त’हत वसीम रिजवी के खि’लाफ परि’वाद द’र्ज कराया. न्या’यालय में दा’यर शिका’यत में उन्होंने आ’रोप लगाते हुए कि वसीम रिजवी का यह बया’न धा’र्मिक भाव’नाओं को आ’हत करने वाला है. इस मामले में मुक़’दमे पर सु’नवाई अगली तिथि 19 मार्च को होनी सुनि’श्चित की गई है.
मामले में आवे’दक राजू नैय्यर ने कहा कि रविवार संध्या 6:30 बजे टेलीविज़न पर प्रसारित समाचार में वसीम रिजवी द्वारा दिया गया बयान धा’र्मिक उ’न्माद फ़ै’लाने और आपसी भाईचा’रे को तो’ड़ने की एक नाका’म सा’जिश है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम को’र्ट में वसीम रिज़वी द्वारा दा’खिल किये गए या’चिका से स्पष्ट प्रती’त होता है की वे मुस’लमानों की भा’वनाओं से खे’लने और पा’क क़ु’रान को आतं’कवाद से जो’ड़ने का कुत्सि’त प्रया’स कर रहे हैं. राजू नैय्यर ने कहा वसीम रिज़वी के इस बयान उनकी धा’र्मिक भा’वना आ’हत हुई है जिस वजह से परि’वाद दा’यर किया गया हैं. उन्होंने कहा की वसीम रिजवी का इस तरह गैर जि’म्मेदाराना बया’न उन्हें देशद्रो’ही सा’बित करता है. हमें न्या’य पा’लिका पर पूरा भरोसा है, उम्मीद है न्या’यालय द्वारा जल्द ही सम्म’न कर उन्हें स’जा मुक़’र्रर की जाएगी.
उन्होंने कहा कि वसीम रिजवी को बेवजह और बेमतलब के ब’यान देने की आद’त है लेकिन हमारा कहना है कि इससे पहले भी बड़े-बड़े बा’दशाह आए, जिन्होंने कु’रान में ब’दलाव की को’शिश की. यज़ी’द और वसीम रिज़वी जैसे फसा’दी लोग इस दुनिया में आए और ख’त्म हो गए. क़ु’रान जैसा था वैसे है और आगे भी वैसा ही रहेगा.













