#ARWAL से BJP ने एक ‘बड़े फ्रॉ’ड’ को दिया था टिकट, माले विधायक भी फं’से, पटना HC द्वारा नो’टिस जारी

PATNA : बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी के एक उम्मीदवार ने फर्जीवाडा कर दिया और खामियाजा भुगतना पड़ रहा है माले विधायक को. पटना हाईकोर्ट ने माले विधायक समेत 25 उम्मीदवारों को नोटिस जारी किया है. फर्जीवाड़ा के आरोपी बीजेपी के प्रत्याशी चुनाव में हार गये. लेकिन उनके फर्जीवाड़े के खिलाफ हाईको’र्ट में एक याचिका दायर की गयी है.

याचिका में कहा गया है कि बीजेपी के प्रत्याशी के फर्जीवाड़े पर रिटर्निंग ऑफिसर ने भी कोई कार्रवाई नहीं की. लिहाजा पूरा चुनाव ही रद्द कर दिया जाना चाहिये. हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के बाद चुनाव जीते माले विधायक समेत उस क्षेत्र से उम्मीदवार रहे सभी 25 लोगों को नोटिस जारी किया है. अरवल विस क्षेत्र से बीजेपी प्रत्याशी रहे दीपक शर्मा द्वारा किये गए फर्जीवाड़ा की वजह से अब जीते हुए विधायक समेत अन्य कैंडिडेट परे’शान हो गए हैं.

अरवल से भाजपा प्रत्याशी का फर्जीवाडा
मामला पिछली विधानसभा चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार रहे दीपक शर्मा का है. दीपक शर्मा के कारण अरवल से जीतने वाले माले के विधायक महानंद सिंह मुसीबत में हैं. हाईकोर्ट में पूरा चुनाव ही र’द्द करने की मांग की गयी है. हाईको’र्ट ने महानंद सिंह समेत सारे उम्मीदवारों से प्रश्न किया है कि क्यों न चुनाव र’द्द कर दिया जाये.

दरअसल विधानसभा चुनाव के दौरान नामांकन में दीपक शर्मा ने अपने खि’लाफ द’र्ज आप’राधिक मामलों को लेकर श’पथ पत्र दिया था. इसमें दीपक शर्मा ने अपने खि’लाफ द’र्ज कई मामलों को छि’पा लिया था. हालांकि दीपक शर्मा चुनाव हार गये. लेकिन शपथ पत्र में गल’त जानकारी देना कानूनी अपरा’ध है.

याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता के मुताबिक उन्होंने चुनाव के दौरान ही रिटर्निंग ऑफिसर के साथ साथ चुनाव आयोग को ज्ञापन देकर दीपक शर्मा के फर्जीवाड़े की जानकारी दी थी. लेकिन दीपक शर्मा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी. नियमों के मुताबिक उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जानी चाहिये थी. लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर से लेकर चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की. इससे साफ है कि निष्पक्ष तरीके से चुनाव नहीं कराया गया लिहाजा पूरे चुनाव को ही रद्द कर दिया जाना चाहिये.

बीजेपी प्रत्याशी दीपक शर्मा पर गं’भीर आ’रोप
पटना हाईको’र्ट में बीजेपी के उम्मीदवार दीपक शर्मा के खिलाफ पटना के रहबर आबदीन ने या’चिका दायर की है. याचिका में कहा गया है कि चुनावी शपथ पत्र में दीपक शर्मा ने अपने खि’लाफ द’र्ज आप’राधिक मामलों को छु’पाया है. दीपक शर्मा के खि’लाफ कई मामले दर्ज हैं लेकिन उनका जिक्र श’पथ पत्र में नहीं किया गया है.

धो’खाधड़ी मामलों के आरो’पी हैं दीपक शर्मा
हाईको’र्ट में दा’यर याचिका के मुताबिक दीपक शर्मा धो’खाधडी समेत कई गंभी’र मामलों के आरो’पी है. उनके खिलाफ 6 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं. लेकिन बीजेपी के प्रत्याशी दीपक शर्मा ने अपने खिलाफ दर्ज चार मामलों की जानकारी शपथ पत्र में दी ही नहीं. हाईकोर्ट में दायर याचिका के मुताबिक दीपक शर्मा पटना के बुद्धा कॉलोनी थाने में दर्ज प्राथमिकी 503/2018 में धोखाधड़ी और आपराधिक ष’डयंत्र र’चने का आरो’पी है. वहीं बीजेपी प्रत्याशी के खिलाफ पटना के श्रीकृष्णापुरी थाने में केस संख्या-205/18 और 11/2019 के अलावा बुद्धा कॉलोनी थाने में 447/2018 दर्ज है. इन चार मुकदमों में दीपक शर्मा पर बेहद गंभी’र आ’रोप लगे हैं. लेकिन दीपक शर्मा ने अपने चुनावी श’पथ पत्र में अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमों का जिक्र ही नहीं किया है.

चुनाव रद्द करने की मांग
हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले रहबर आबदीन ने कहा है कि दीपक शर्मा के फर्जीवाड़े की सारी जानकारी देने के बावजूद अरवल के रिटर्निंग ऑफिसर सह अनुमंडल पदाधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं. लिहाजा पूरे चुनाव को ही रद्द कर दिया जाना चाहिये. याचिका में कहा गया है कि चुनाव कराने वाले तंत्र ने निष्पक्षता से अपने कर्तव्य का निर्वहन नहीं किया है. गलत तरीके से चुनाव कराने वालों ने दीपक शर्मा का नामांकन रद्द किये बगैर मतदान करा कर परिणाम भी घोषित कर दिया. इस परिणाम को रद्द कर चुनाव को ही रद्द कर दिया जाना चाहिये.

19 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए अरवल से चुने गये माले के विधायक महानंद सिंह, आरोपी दीपक शर्मा समेत चुनाव में उम्मीदवार रहे सभी 25 लोगों को नोटिस जारी किया है. हाईकोर्ट ने इस मामले पर अगली सुनवाई के लिए 19 अप्रैल की तिथि तय की है.

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