पटना. कोरोना संक्रमण (COVID-19) की दूसरी लहर के बाद अब तीसरी लहर (Corona Third Wave) की आशंका जताई जा रही है. देश के कई हिस्सों में कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट के मिलने के बाद अब बिहार का स्वास्थ्य विभाग (Health Department) भी अलर्ट मोड पर आ गया है. बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार ने कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं. अब सात राज्यों से पटना पहुंचने वाले यात्रियों की होगी कोरोना जांच की जाएगी. जांच में पॉजिटिव पाए जाने पर जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) के लिए उनका सैम्पल भेजा जाएगा. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, केरल, आंध्रप्रदेश ,तमिलनाडु और कर्नाटक के यात्रियों की कोरोना टेस्टिंग की जाएगी. रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप और एयरपोर्ट पर जांच की व्यवस्था होगी.
इधर, कैंसर के इलाज के लिए बिहार सरकार ने टाटा मेमोरियल सेंटर से समझौता करके मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच परिसर में कैंसर अस्पताल बनाने के लिए हरी झंडी दे दी है. एसके मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को 15 एकड़ जमीन दी गई है. यहां होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में कैंप अस्पताल बनाकर कैंसर की ओपीडी और कीमोथेरैपी शुरू कर दी गई है. करीब 300 करोड़ रुपये की लागत वाले कैंसर हॉस्पीटल में न सिर्फ कैंसर पीड़ितों का इलाज होगा, बल्कि यहां यूजी, पीजी, नर्सिंग की पढ़ाई के साथ कैंसर पर रिसर्च भी होगा. अगले साल से कैंसर के महंगे इलाज के लिए इलाके के लोगों को मुम्बई नहीं जाना पड़ेगा.
रो पड़ा परिवार
बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी ने बुधवार को 65वीं मेंस परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया. बीपीएससी मेंस परीक्षा में 1100 से अधिक अभ्यर्थियों ने बाजी मारी है. रिजल्ट जारी होने के बाद जहां पास हुए अभ्यर्थियों के घर खुशी का माहौल है, वहीं एक ऐसा भी अभ्यर्थी है जिसके घर रिजल्ट आने के बाद मानो आंसुओं का सैलाब फूट पड़ा है. दरअसल, बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले अविनाश ने बीपीएससी मेंस की परीक्षा पास तो कर ली है, लेकिन अब वह इस दुनिया में नहीं रहा. रिजल्ट आने के ठीक 1 सप्ताह पहले यानी 24 जून को ही अविनाश इस दुनिया को छोड़ कर चला गया.