हरिसभा चौक से मिठनपुरा चौक तक मुख्य सड़क से लेकर अगल-बगल के मोहल्लाें और गलियाें में लगातार जलजमाव के कारण लोग नाको दम हैं। बारिश और नाले का गंदा पानी सड़कों पर और गलियों से लेकर आवासीय परिसर तक जमा है। शाम के बाद लोग दरवाजे से बाहर नहीं निकलते। घर में भी मच्छर व बदबू के साथ-साथ सांप-बिच्छू से परेशानी है। यह स्थिति तब है जबकि इस इलाके में देवी मंदिर, गुरुद्वारा, मस्जिद, जुब्बा सहनी पार्क, कई बैंक, होटल, मॉल, शो रूम्स से लेकर छात्राओं का सबसे बड़ा एमडीडीएम कॉलेज भी है। लेकिन, शहर के इस पॉश इलाके के लाेगाें के एेसी दुर्दशा झेलने के बावजूद नगर निगम साेया हुआ है।
हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हरिसभा चौक से मिठनपुरा चौक तक 23 गलियाें में 15 गलियां गंदे पानी से लबालब हैं। करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी में हाॅजी काॅलाेनी, पांडेय लेन, शिवशंकर पथ, वीसी लेन, मदनानी गली, एलआईसी गली, देवी मंदिर के पीछे की गली, रज्जू साह लेन समेत 15 में मानसून की बारिश शुरू होने के बाद से ही लगातार पानी जमा है। यहां तक कि देवी मंदिर मेन राेड में भी जलजमाव है।

क्लब रोड की एक लेन में ऐसे गड्ढे व जलजमाव कि गिरते-पड़ते पार करते लोग, एक लेन ही बनी उसमें भी नाला निर्माण जारी
पानी टंकी चौक से आगे मिठनपुरा तक एक लेन सड़क बन गई है, लेकिन इसमें भी नाला निर्माण आदि हाेने के कारण भीषण जाम लग जाता है। ऐसे में लोगों को दूसरी लेन का सहारा लेना पड़ता है जिस पर बड़े-बड़े गड्ढाें में पानी जमा है। पार्क के सामने बैंक के कैंपस तक नाले का पानी जमा है। संभल कर नहीं निकलने पर लाेग सीधे नाले में गिरते हैं। यहां के व्यवसायियाें का कहना है कि दिनभर में आधा दर्जन से अधिक लोग बाइक लिए पलट जाते हैं। हरिसभा चौक पर आमगोला ओवरब्रिज से उतरने के साथ जलजमाव में घुसना पड़ता है। आगे मुखर्जी सेमिनरी रोड के पास राधेकृष्ण मंदिर के सामने और देवी मंदिर के सामने तो 15 दिनों से नाले का पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर बह रहा है। बावजूद नगर निगम ने लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। निदान की पहल काफी धीमी है।