बिहार: अब यात्रा के लिए नहीं होगी बसों की किल्लत, अगले साल तक 1000 नई बसें चलाएगा परिवहन विभाग

प्रदेश भर के जिलों और अंतरराज्य में आवागमन के लिए अब यात्रियों को बसों की किल्लत नहीं होगी. बसों की संख्या को बढ़ाने के लिए परिवहन निगम ने पीपीपी मोड पर पटना से गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, नवादा सहित सभी 38 जिलों के लिए चलाने की योजना बनाई है. इसके अलावा पटना से झारखंड, उत्तर प्रदेश, कोलकत्ता, चंडीगढ़, दिल्ली सहित अन्य राज्यों के लिए 50 से अधिक बसें चलाई जाएंगी. राजधानी को निगम की ओर से पीपीपी मोड पर मार्च, 2022 तक 350 नई बसें मुहैया कराई जाएगी.

परिवहन निगम के अधिकारीयों ने बताया है कि राज्य में मार्च, 2022 तक 1000 नई बसें चलाने का लक्ष्य है. ये सभी बस पीपीपी मोड पर चलेंगी. इस बाबत वाहन स्वामियों से बस चलाने के लिए कोटेशन मांगा गया है. अगस्त के पहले सप्ताह में 50 नई बसों के लिए वाहन स्वामियों को बुलाया गया है. पीपीपी मोड पर बस चलाने के लिए आवेदन देने वालों की संख्या ज्यादा है. लेकिन जिन लोगों के पास कागजात सही रहेगा, उन्हें ही बुलाया जाएगा.

किफायती कीमत में तय होगा सफ़र
परिवहन निगम की ओर से संचालित किये जाने से निजी बसों की तुलना में पीपीपी मोड पर चलने वाली बसों में किराया कम होगा। अगर सरकारी किराया दर 150 रुपया है तो बस मालिक 155 रुपया नहीं ले सकते हैं। यात्रियों की शिकायत पर बस मालिकों पर कार्रवाई होने के साथ उनका परमिट भी रद्द किया जा सकता है।

1500 नए रूट के जरिये अब प्रखंडों को भी जोड़ने की कवायद
परिवहन विभाग ने अब शहरी क्षेत्रों के इतर प्रखंडों में रहने वाले लोगों की सुविधा के लिए भी प्रयास शुरू कर दिए है. इसके तहत दूसरे जिलों में आने-जाने के लिए अब प्रखंडाें से ही बस की सुविधा मिल सकेगी. इसके लिए पटना सहित राज्य के विभिन्न जिलों में 1500 नए रूट खोजे जा रहे हैं.

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