राजधानी में गुरुवार सुबह से ही जारी रिमझिम बारिश का असर मुहल्लों में दिखने लगा है। कई इलाकों में बारिश के बाद जलजमाव जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। सबसे खराब स्थिति राजधानी के दक्षिणी भाग के इलाकों में है। हालांकि, मुख्य इलाकों की प्रमुख सड़कों को छोड़ दें तो गली व मुहल्लों की सड़कों की हालत खराब है। वहां पर बारिश के पानी टूटे भाग में जमा हो गए हैं। इससे वाहनों के चलाने और पैदल चलने वालों की परेशानी बढ़ गई है। स्कूल-कॉलेज व बाजार के पूरी तरह से खुलने के बाद सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है।
नूतन राजधानी अंचल के न्यू बाइपास रोड से सटे इलाकों में सबसे खराब स्थिति का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। अनीसाबाद पुलिस कॉलोनी से लेकर चितकोहरा व गर्दनीबाग की स्थिति काफी दयनीय हो गई है। बेउर मेन रोड में कुशवाहा चौक तक और श्रीकृष्ण विहार कॉलोनी, गंगा विहार कॉलोनी समेत तमाम सड़कों पर पानी बरसने के बाद दलदल व कीचड़ जैसी स्थिति है। इस सड़क पर कई जगहों पर गड्ढ़े बन गए हैं। श्रीकृष्ण विहार कॉलोनी व शिवनगर कॉलोनी में कई स्थानों पर एक से दो फीट तक पानी जमा हो गया है।

बेउर जेल के पिछले इलाके में पानी जमा होने से कई लोगों के घरों के दरवाजे तक पानी पहुंच गया है। सरिस्ताबाद से सिपारा तक की स्थिति एक जैसी है। कंकड़बाग अंचल में मीठापुर कृषि फॉर्म वाले इलाके, पुराने बस पड़ाव के आसपास के इलाकों में कई स्थानों पर पानी जमा होने जैसी स्थिति दिख रही है। पोस्टल पार्क से बाइपास के किनारे व अशोक नगर तक के इलाकों में खराब सड़कों पर चलना मुश्किल हो रहा है। रामकृष्णा नगर से जगनपुरा तक की स्थिति भी लगभग वही है। पाटलिपुत्र कॉलोनी, आशियाना के रामनगरी, जगदेव पथ के पास की गलियों आदि इलाकों में भी खराब सड़कें लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।
नगर निगम उदासीन ,गड्ढ़ों को भरने में नहीं मिली है कामयाबी
सरकार की ओर से मई व जून के शुरुआत में हुई बारिश के बाद सड़कों पर चलने में होने वाली समस्या को देखते हुए वैकल्पिक इंतजाम के निर्देश दिए गए थे। अधिकांश सड़कें नमामि गंगे परियोजना के कारण जर्जर हो चुकी हैं। नगर निगम के स्तर पर भी इसको लेकर कोई कार्य नहीं हो सका। पिछले दिनों बारिश रुकने के दौरान कच्ची सड़कों पर बने गड्ढों में राबिश या गिट्टी डालने की योजना पर कार्य नहीं हुआ।

शिकायत के बाद भी नहीं हो पाई कार्रवाई
वार्ड 39 रामजयपाल रोड रुपसपुर स्थित अपर्णा बैंक कॉलोनी के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय कुलबीर सिंह ने बताया कि मुहल्ले के लोगों को तेज बारिश होने की स्थिति में भारी जलजमाव का सामना करना पड़ता है। अभी भी लोग सड़क व नाले में अंतर नहीं कर पाते हैं। निगम के स्तर पर शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हो पाई है।
