मुजफ्फरपुर। अब शराब पीने पर सरकारी ही नहीं प्राइवेट नौकरी भी नहीं मिलेगी। इसके लिए सरकार की ओर से सख्त पहल की जा रही है। इसके लिए बिहार में शराबियों को नौकरी भी नहीं मिलेगी।
सरकार की ओर से प्राइवेट सेक्टर भी सख्ती की जा रही है। इसके लिए आदेश जारी कर अफसरों को जवाबदेह बनाने के लिए स्पष्ट संकेत दे दिया गया है।
जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया है। इसका असर भी दिखने लगा है।
जानकारी के अनुसार पटना में अधिकारियों ने होटल से लेकर निजी सेक्टर से जुड़े लोगों के साथ बैठक कर रणनीति तैयार की है।
पहले ही सीएम ने शराब की सूचना मिलने पर पुलिस कहीं भी छापेमारी करने पर जोर दे चुके है। अधिकारियों के अनुसार शराब की हिस्ट्री वाले को को नौकरी नहीं दी जाए।
अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जा रहा है ताकि प्राइवेट सेक्टर में भी शराब को लेकर सख्ती हो। वहीं भविष्य में और सख्ती हो सकती है।
पटना कमिश्नर संजय कुमार अग्रवाल और आईजी संजय सिंह ने शराबबंदी नियम का सख्ती से अनुपालन कराने के साथ मॉनिटरिंग के लिए सभी डीएम, एसपी सहित अन्य उच्चाधिकारियों एवं होटल, रेस्टोरेंट और लॉज संचालक के साथ बैठक की है। जिसमें स्पष्ट कर दिया गया है कि ऐसे लोगों को नौकरी नहीं मिलना चाहिए जिनकी शराब पीने का इतिहास हो।

