मुजफ्फरपुर। शहर में लोगों का प्यास बुझाने के लिए विभिन्न योजना पर बड़ी राशि खर्च कर दी गई, लेकिन योजना आधा-अधूरा ही है। स्थिति यह है कि आधी आबादी तक अभी पानी नहीं पहुंच पाया है।
जलापूर्ति योजनाओं का हाल यह है कि वर्ष 2010-11 में मिली करोड़ों रुपए की योजना बीच रास्ते गायब हो गई।
करोड़ों रुपए की पाइप लाइन जमीन में दफन हो गई और जलमीनार का आधा-अधूरा ढांचा योजना की कहानी बयां कर रहा है।
इस प्रकार 98 करोड़ की जलापूर्ति पूरी नहीं हो पाई और करोड़ों रुपये बर्बाद कर दिए गए। बताया जाता है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में हर घर नल का जल योजना के तहत सरकार ने निगम को शहर के सभी वार्डों में मिनी पंप एवं पाइप लाइन विस्तार के लिए 42 करोड़ की योजना दी।
इनमें 94 मिनी पंप लगाने के साथ नई पाइप लाइन बिछानी है। योजना का हाल यह है कि अभी कई वार्डो में काम नहीं हुआ है। कुछ वार्डों में काम कर खानापूर्ति की गई है।




