राज्य के निबंधित कारखानों में काम करने वाले कामगारों की सुरक्षा के लिए विशेष बोर्ड बनेगा। श्रम संसाधन विभाग की ओर से बनाए जाने वाले राज्य सलाहकार बोर्ड में कई विभागों के सचिव के अलावा कंपनी व यूनियन के भी प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। यह बोर्ड राज्य के निबंधित कारखानों में काम करने वाले कामगारों की न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक सुरक्षा पर भी नजर रखेगा।
राज्य के आठ हजार से अधिक निबंधित कारखानों में सवा दो लाख से अधिक कामगार काम कर रहे हैं। इन कामगारों की व्यावसायिक सुरक्षा के साथ ही सामाजिक और स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बोर्ड का गठन होगा। श्रम संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव, जो भी हों, बोर्ड के अध्यक्ष होंगे। जबकि पदेन सदस्य के रूप में उद्योग विभाग, खान एवं भूतत्व विभाग के मुखिया, राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष, श्रमायुक्त, कर्मचारी राज्य बीमा योजना के निदेशक चिकित्सा सेवाएं और नियोक्ताओं के पांच प्रतिनिधि इसके पदेन सदस्य होंगे।
इसके अलावा कर्मचारी संगठनों के भी पांच प्रतिनिधि, व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र से जुड़े पांच प्रतिष्ठित व्यक्ति या प्रतिष्ठित अनुसंधान संस्थानों के प्रतिनिधि या इसी तरह के अन्य अध्ययन के विषय से जुड़े, जिनमें से एक सदस्य राज्य स्वास्थ्य समिति से होंगे, वे भी पदेन सदस्य होंगे। मुख्य निरीक्षक सह सुविधा प्रदाता इस सलाहकार बोर्ड के पदेन सदस्य सचिव होंगे।
बोर्ड के अध्यक्ष जितनी बार चाहेंगे, वे एक साल में बैठक कर सकेंगे। लेकिन साल में कम से कम एक बार इस सलाहकार बोर्ड की बैठक होनी जरूरी होगी। बोर्ड के कोई भी सदस्य जब चाहें, वे अपना त्यागपत्र दे सकेंगे। इसके लिए उन्हें त्याग पत्र बोर्ड को सौंपना होगा।
कामगारों के लिहाज से इस बोर्ड की अहम भूमिका होगी। कोई भी कामगार अपने व्यावसायिक हितों की रक्षा को लेकर आवेदन दे सकेगा। साथ ही अगर उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो और नियोक्ताओं की ओर से आवश्यक कार्रवाई नहीं की जा रही है तो ऐसे मामलों में भी बोर्ड विचार करेगा। बोर्ड को अधिकार होगा कि वह कामगारों के व्यावसायिक व स्वास्थ्य की रक्षा के लिए आवश्यक निर्देश दे। बोर्ड के आदेश का पालन नहीं करने वाले कारखाना संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी।
