शराब की तस्करी पर प्रशासन की पूरी तरह सख्ती तो देखा जा रहा। श’राब तस्करों पर दिनों-दिन पुलिस की सख्ती बढ़ती जा रही है। पुलिस की नजर सिर्फ श’राब के छोटे तस्करों पर नहीं है, बड़े और अंतरराज्यीय सिंडिकेट को भी ध्वस्त किया जा रहा है। राज्य में श’राबबंदी के बाद दूसरे प्रदेशों से चोरी-छुपे शराब की खे’प बिहार लाई जाती है। इसमें छोटी गाड़ियों से लेकर ट्रकों तक का इस्तेमाल होता है। बड़ी खेप लाने का जरिया ट्रक ही हैं। त’स्करी के इस नेटवर्क पर पुलिस की म’द्यनिषेध इकाई की पैनी नजर रख रही है।
पुलिस की म’द्यनिषेध इकाई की कार्रवाई के दौरान पिछले 23 महीने में श’राब की खे’प के साथ 276 ट्रकें पकड़ी गईं। इनमें 74 ट्रक साल 2020 के दौरान ज’ब्त हुए। वहीं इस वर्ष नवम्बर तक 202 ट्रकों से श’राब बरामद की गई।
यानी पिछले साल के मुकाबले करीब तीन गुना अधिक श’राब लदे ट्रके ज’ब्त हुए हैं। यह आंकड़ा नवम्बर तक का है। साल के आखिरी महीने में भी कई ट्रक जब्त हो रहे हैं। लिहाजा साल के अंत तक यह संख्या और भी बढ़ेगी।
ट्रक, श’राब त’स्करी का सबसे बड़ा जरिया है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले वर्ष ट्रकों से 266734 लीटर देसी-विदेशी श’राब के साथ स्प्रीट बरामद हुई। वहीं इस वर्ष नवम्बर तक पकड़े गए 202 ट्रकों से 756603 लीटर श’राब व स्प्रीट मिली है। दोनों वर्ष के आंकड़ों को मिला दें तो इसमें 774386 लीटर विदेशी, 11200 लीटर देसी और 237752 लीटर स्प्रीट की बरामदगी हुई।
