मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर के एलएस कॉलेज में नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी का स्टडी सेंटर खुल गया है। इससे छात्र-छात्राओं को सहूलियत होगी। इसके लिए छात्र-छात्राओं को पटना का चक्कर नहीं लगाना होगा।

ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड में अब दाखिला होगा। आज तक नामांकन लिया जा सकता है। इसके बाद आगे भी तिथि बढ़ाई जाएगी। नालंदा ओपेन विवि के कुलसचिव डा.घनश्याम राय ने कालेज परिसर स्थित कम्युनिटी कालेज का निरीक्षण किया।
इसके बाद कालेज सभागार में स्टडी सेंटर का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने मुख्य अतिथि के तौर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रेगुलर पाठ्यक्रम में सीमित सीट होने के कारण कम अंक वाले विद्यार्थी नामांकन नहीं ले पाते।
साथ ही नौकरीपेशा व अन्य प्रोफेशनल अभ्यर्थी इसके साथ कोर्स नहीं कर पाते। ऐसे में नालंदा ओपेन यूनिवर्सिटी का यह स्टडी सेंटर उनके लिए काफी लाभदायक सिद्ध होगा।
इसमें इंटर से लेकर पीजी और तकनीकी कोर्स में सत्र 2021 में नामांकन शुरू है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बिहार का ग्रास इंरालमेंट रेसियो (जीईआर) 14.2 प्रतिशत है। सरकार की ओर से 2035 तक इसे बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने की योजना है। ऐसे में एनओयू काफी अहम भूमिका निभाएगा।
बताया कि आनलाइन व आफलाइन दोनों मोड में नामांकन की सुविधा है। 23 दिसंबर तक नामांकन लिया जाएगा। इसके बाद तिथि विस्तारित करने की योजना है। कहा कि यहो पूर्व में बीएड और पीएचडी भी होता था। कोरोना काल में इस पर रोक लग गई।
आगे इसे शुरू कराने पर कार्य हो रहा है। कहा कि यहां नामांकन लेने पर छात्राओं को फीस में 25 प्रतिशत छूट मिलती है। पाठ्य सामग्री भी इसी शुल्क में उपलब्ध करा दिया जाता है।
इंटर, यूजी, पीजी, तकनीकी के साथ ही 48 सर्टिफिकेट कोर्स भी एनओयू की ओर से कराया जा रहा है। खास बात यह कि रोजगार या अन्य कोर्स को करते हुए इन कोर्स में दाखिला लिया जा सकता है। अतिथियों का स्वागत प्राचार्य डा.ओपी राय ने किया। कहा कि जिन विद्यार्थियों का नामांकन कालेज में नहीं हो सका। वे यहां नामांकन करा सकते हैं। एमडीडीएम कालेज की प्राचार्य डा.कनुप्रिया ने कहा कि स्टडी सेंटर की शुरुआत सराहनीय पहल है। उन्होंने कुलसचिव से एमडीडीएम कालेज में भी स्टडी सेंटर खोलने को कहा। इसपर कुलसचिव ने सहमति दी है। विवि के यूएमआइएस कोआर्डिनेटर प्रो.टीके डे ने कहा कि स्नातक में नामांकन की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद करीब 50 हजार विद्यार्थी कम अंक और सीट की कमी से नामांकन नहीं ले सके। उनके लिए यह विकल्प के तौर पर है। कार्यक्रम का संचालन डा.राजीव कुमार ने किया। मौके पर डा.नवीन, डा.इम्तियाज समेत विभिन्न विभाग के शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
