कोरोना का डर लोगो के दिल में ऐसे बैठ गया है की लोग अब भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर ही रहना ज्यादा पसंद करते है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रवासी मजदूर इस बार कोई रिस्क नहीं लेने के मूड में है।

मुंबई, दिल्ली और कलकत्ता में बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच सुरक्षित अपने घर लौटने की जुगत में मजदूर लगे हैं। ये प्रवासी मजदूर घर लौटने के लिए ट्रेन से ज्यादा बस को सुरक्षित मान रहे हैं।

कोलकाता के कई विभिन्न इलाकों में जिले के हाजीपुर, राघोपुर, बिदुपुर और महुआ के रहने वाले मजदूर काम करते हैं। कोलकाता में भी कोरोना का संक्रमण काफी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में मजदूरों को लॉकडाउन का अंदेशा होने लगा है।

लॉकडाउन के दौरान अपने घर लौटने के दौरान इन प्रवासी मजदूरों को पिछली बार काफी मुश्किलों को सामना करना पड़ा था। इस बार फिर वैसी परेशानी न हो।

इससे बचने के लिए मजदूरों ने समय रहते घर लौटने का निर्णय लिया है। इसके लिए इन मजदूरों ने बस सुविधा के लिए अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से भी संपर्क साधा। बस स्टैंड में बस का इंतजार कर रही महिलाओं ने भी बातचीत के दौरान बताया कि बस में मनचाही सीट मिल जाती है। कोरोना संक्रमण का खतरा कम होता है।