मुजफ्फरपुर। बिहार छात्र संघ की टीम मुजफ्फरपुर डीएम से रिजल्ट में हुई भारी पैमाने पर गड़’बड़ी को लेकर ध’रना प्रद’र्शन करने की अनुमति लेने गए थे, लेकिन कोरोना नियमों के कारण ध’रना प्रद’र्शन की अनुमति नहीं मिली।
सत्र 2019 स्नातक पार्ट-1 तथा स्नातकोत्तर 2019 प्रथम सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम में हुई 40 फीसदी से भी अधिक गड़’बड़ी पर अभी तक विश्वविद्यालय के द्वारा कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया है। अभी तक एक भी छात्रों का रिजल्ट नहीं सुधारा गया है।
विश्वविद्यालय की लापर’वाही के कारण छात्र-छात्राओं का भविष्य अंध’कार में है। इसलिए छात्र-छात्राओं के भविष्य को बचाने के लिए बिहार छात्र संघ ध’रना प्रद’र्शन का अनुमति लेने डीएम के पास गए थे लेकिन कोरोना के नियमों के कारण ध’रना प्रद’र्शन की अनुमति नहीं मिली।
संघ के जिला अध्यक्ष करण सिंह ने कहा कि संघ छात्र-छात्राओं के मुद्दे को हमेशा से मजबूती के साथ उठाता रहा है, लेकिन ये भ्रष्ट विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष परीक्षा परिणाम में भारी पैमाने पर गड़’बड़ी करती है और जानबूझकर छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिल’वाड़ करती है, लेकिन अब बिहार छात्र संघ ऐसा कदापि नहीं होने देगी। छात्रों के भविष्य को बचाने के लिए जरूरत पड़ा तो बिहार बं’द का आह्वान किया जाएगा।
उन्होंने विश्वविद्यालय को चेता’वनी देते हुए कहा कि सात दिनों के अंदर रिजल्ट को सुधार किया जाए अन्यथा यह आंदो’लन आने वाले समय में एक विक’राल रूप लेगा। इसका जिम्मेदार सिर्फ विश्वविद्यालय होगा।
इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष निहाल कुमार सिंह, जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष आदित्य झा, रोहित अंकेश, आदित्य सिंह, मनीष चौधरी, अमन झा सहित अन्य छात्र नेता मौजूद थे।


