मुजफ्फरपुर। शहर की गलियों में सड़क व नाला के अभाव में वर्षो से लोग परेशानी झेल रहे है। पानी की निकासी के लिए नाले की उचित व्यवस्था नहीं होने और जर्जर सड़क के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुहल्ले की सड़क एवं नाला निर्माण के लिए फरवरी, 2020 में तत्कालीन नगर विकास व आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा और अगस्त 2020 में स्थानीय सांसद अजय निषाद पहल कर चुके हैं।
उनकी पहल पर नगर निगम प्रशासन ने सितंबर 2020 में सड़क एवं नाला निर्माण को 24.58 लाख का प्राक्कलन तैयार किया और वित्तीय एवं तकनीकी स्वीकृति भी प्राप्त हो गई। लेकिन आज तक निर्माण कार्य होना तो दूर निविदा तक नहीं निकाली गई।
उसके बाद शहर में दर्जनों सड़कों एवं गलियों का निर्माण विभिन्न योजना मद से कराई जा चुकी है। इस प्रकार नगर निगम की मनमानी मंत्री एवं सांसद पर भारी पड़ी।
इससे मुहल्लेवासियों में निगम प्रशासन एवं निगम के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ गहरी नाराजगी है।

मुहल्लेवासियों की तरफ से सड़क एवं नाला निर्माण कराने की पहल कर रहे राजीव शंकर दुबे ने अब इस संबंध में सीएम को पत्र लिखकर हालात से अवगत कराया है। अब देखना है कि सीएम नगर निगम की इस मनमानी पर ब्रेक लगा पाते हैं या नहीं।
दुबे का कहना है कि गली की लंबाई महज 300 फीट है और पूरी तरह से टूट गई है। बरसात में तो पूरा मुहल्ला तीन माह तक टापू बना रहता है। बावजूद निगम को इसकी परवाह नहीं। वार्ड 48 के पार्षद मो. हसन के अनुसार मोहल्लावासियों की मांग जायज है। वे उनकी समस्या निगम में कई बार उठा चुके हैं। वे स्वयं भी लगातार इसके लिए लगे हुए हैं पर काम नहीं हुआ।