मुजफ्फरपुर। राज्य में नवगठित नगर निकायों के वार्ड गठन और परिसीमन की प्रक्रिया तीन फरवरी से शुरू होगी। यह दस फरवरी तक इसका गठन किया जाएगा। इसके अगले दिन प्रारूप का प्रकाशन किया जाएगा। दावा-आपत्ति एवं इसके निराकरण के बाद आठ मार्च को अंतिम रूप से वार्ड के गजट का प्रकाशन हो जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव ने इसके लिए सभी प्रमंडलीय आयुक्त एवं डीएम को पत्र भेजा है।

इसमें कहा गया है कि नवगठित नगर निकाय का भौगोलिक सीमांकन एवं जनसंख्या तय हो चुका है। अब नगर निकायों के वार्डो में विखंडित कर प्रत्येक वार्ड का सीमांकन किया जाएगा। आयोग ने निकायों की सूची के साथ संभावित वार्ड की संख्या भी तय कर दी है। मुजफ्फरपुर की नव गठित सात नगर पंचायत में से चार की सूची शामिल की गई है। तीन की जनसंख्या में विरोधाभास के कारण अभी सूची जारी नहीं की गई है।
वहीं तीनों नगर परिषद कांटी, मोतीपुर एवं साहेबगंज को लेकर त्रुटि के निराकरण नहीं होने से इसे अभी शामिल नहीं किया गया है। बताया जाता है कि वार्ड का गठन इस प्रकार होगा कि उसे दूसरे वार्डों से अलग समझने में कठिनाई नहीं हो।
वार्ड की चौहद्दी कोई सड़क, गली, मुख्य इमारत या स्थान, सरकारी भवन/निजी भवन या अन्य कोई वस्तु होगी। चौहद्दी साफ-साफ अलग रहेगी। इससे मतदाता सूची बनाने में वार्डो की सीमाओं में कोई संशय नहीं रहे।
वार्डों का जाति/धर्म/समुदाय/राजनीतिक आधार पर नहीं होगा। वार्डो के गठन के पश्चात प्रत्येक वार्ड का संख्यांकन उत्तर पश्चिम दिशा से शुरू होकर दक्षिण-पूरब दिशा में समाप्त होगा। संख्यांकित वार्डों की भौगोलिक तारतम्यता बनी रहनी चाहिए।
एक के बाद एक संख्यांकित वार्ड एक दूसरे से सटे होने चाहिए। वार्ड का गठन तथा संख्यांकन के बाद इसे संबंधित नगर निकाय कार्यालय एवं डीएम के कार्यालय के सूचना पट में प्रारूप प्रकाशित होगा।
इसकी सूचना मुनादी के साथ वेबसाइट से दी जाएगी। प्रारूप प्रकाशन के बाद इसकी आपत्ति डीएम या उनके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी के समक्ष दर्ज की जा सकेगी। ये पदाधिकारी एसडीओ स्तर के होंगे। आपत्तियों की जांच के बाद अंतिम आदेश पारित होगा।
