मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र कैंसर पीड़ितों के लिए किसी उम्मीद से कम नहीं है। कैंसर का इलाज महंगा होने के कारण गरीबों का उपचार कराना संभव नहीं होता और आखिरकार वे दम तोड़ देते है।
ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए यहां पर आयुष्मान योजना के तहत उपचार किया जाता है। बताया जाता है कि इस केंद्र की स्थापना चार फरवरी 2020 को हुई थी।
तब से इस केंद्र पर रोजाना 150 से अधिक कैंसर पीड़ित इलाज के लिए आते है। इस केंद्र पर सहरसा, सुपौल, मधुबनी, बेतिया, मोतिहारी, सीतामढ़ी, दरभंगा व मुजफ्फरपुर आदि जगहों से इलाज के लिए आते है।
इस वर्ष अभी तक 20 मरीजों की सर्जरी हो चुकी है। 600 से अधिक कीमोथेरेपी किए जा चुके है। कैंसर का जल्द पता चल सके इसके लिए अस्पताल द्वारा स्क्रीनिंग के साथ जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे है।
उसी का परिणाम है कि लोग अब जांच के लिए आ रहे हैं। शुरुआती चरण में ही कैंसर का पता चलने से इलाज भी संभव हो रहा है। जांच की सुविधा न होने के कारण तीन साल पूर्व मीनापुर के गोरिगामा में 36 लोग कैंसर से जान गंवा बैठे थे।
कैंसर पीड़ित मरीज जिस उपचार के लिए अभी तक दिल्ली और मुंबई का रुख करते थे। वह इलाज उन्हें यहीं उपलब्ध हो रहा है। हाल ही में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सफल सर्जरी कर एक मरीज के पैर से 3.8 किलो का ट्यूमर निकाला है।
मुजफ्फरपुर के बेला का रहने वाला 55 वर्षीय मजदूर छह माह से पैर के ट्यूमर से परेशान था। उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि सर्जरी करवा पाता। यहां उसका इलाज आयुष्मान योजना के तहत किया गया। अब वह पूरी तरह स्वस्थ है।
