मुजफ्फरपुर। शहर के सिकंदरपुर स्थित इंडोर स्टेडियम के नजदीक तीन मंजिला खेल भवन सह व्यायाम का निर्माण हो चुका है, लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी खेल भवन पर एक साल से ताला लटका हुआ है।
खेल भवन का निर्माण मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत 6.61 करोड़ की लागत से हुआ है। खेल भवन में बैडमिंटन छोड़कर अन्य इंडोर खेलों, मार्शल आर्टस, जूड़ो, वुशु, ताइक्वाडो, कुश्ती, कबड्डी, टेबल टेनिस, शतरंज एवं भारोत्तोलन की सुविधा उपलब्ध है।
इसी भवन में जिला खेल पदाधिकारी का कार्यालय भी होगा, लेकिन भवन में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ खिलाडिय़ों को नहीं मिल पा रहा है।
निर्माण एजेंसी से भवन को कला, संस्कृति एवं युवा विभाग को हस्तांतरित करने का मामला अटका हुआ है। जिससे उस पर लगा ताला नहीं खुल पा रहा है।
जानकारों का कहना है कि भवन निर्माण के लिए आवंटित राशि में से 45 लाख रुपये उपकरणों की खरीद के लिए था लेकिन संवेदक ने आवंटित राशि में अधिकांश भवन निर्माण पर ही खर्च कर दिया।
सिर्फ दस लाख रुपये से उपकरण की खरीद हुई। इस वजह से भवन का हस्तांतरण नहीं हो पा रहा है। भवन में कुश्ती एवं कबड्डी मैट, भारोत्तोलन सेट, टेबल टेनिस बोर्ड, चेस बोर्ड, कराटे, वुशू, जूड़ो एवं ताइक्वांडो मैट भी लगाना है। जिला खेल पदाधिकारी जय नारायण कुमार बताते हैं कि विभाग द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम जांच कर रिपोर्ट देगी इसके बाद ही भवन का हस्तांतरण हो पाएगा।
इसके लिए भवन का निर्माण करने वाली एजेंसी ने सरकार को पत्र लिखा है। विभागीय टीम जांच कर रिपोर्ट देगी तभी भवन खिलाडिय़ों के लिए उपलब्ध होगा। भवन के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने बाद उनका कार्यालय खेल भवन से ही संचालित होगा। इधर भवन का ताला नहीं खुलने से खिलाडिय़ों में नाराजगी है। उनका कहना है कि भवन के हस्तांतरण के पेच को समाप्त किया जाना चाहिए ताकि खिलाड़ियों का इसका लाभ मिल सके।
