मुजफ्फरपुर। मुशहरी प्रखंड के कृषि सलाहकार व समन्वयक के वेतन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। बताया जा रहा है कि उनके कार्य की समीक्षा के बाद भी वेतन का भुगतान होगा।
दरअसल खाद की कालाबाजारी व योजनाओं को लेकर किसानों के आंदोलन पर विभाग सख्त हुआ है। वहीं किसानों की शिकायत है कि पंचायत स्तर पर भवन रहने के बाद भी कोई वहां पर नहीं समय पर रहता।
आरोप तो यह भी है कि कार्यालय के जो फर्नीचर व अन्य सामान मिले, वह बहुत लोगों के घर की शोभा बढ़ा रही है। जिला कृषि पदाधिकारी शीलाजीत सिंह के अनुसार किसानों की समस्या का निदान पंचायत स्तर पर नहीं होना बिल्कुल गलत है।
पंचायत से लेकर प्रखंड तक अगर सही तरीके से निगरानी रहे तो जिला स्तर पर शिकायत कम आएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित कर्मी द्वारा पिछले एक साल में किये गए कार्य का विवरणी के साथ भ्रमण कार्यक्रम मांगा गया है।
प्रखंड स्तर से रिपोर्ट आने के बाद वरीय पदाधिकारी से जांच कराई जाएगी। प्रखंड कृषि पदाधिकारी किस परिस्थिति में बिना समीक्षा किए अनुपस्थिति प्रतिवेदन भेजते हैं। इस संबंध में मुशहरी के प्रखंड कृषि पदाधिकारी से 48 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

