मुजफ्फरपुर : डीएम कार्यालय कक्ष में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक हुई। इस बैठक में विभागीय कार्य और प्रस्ताव पर चर्चा की गई। वहीं, डीएम प्रणव कुमार ने बैठक में स्वस्थ भारत मिशन, ग्रामीण फेज- 2/ लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान -2 के तहत ओडीएफ-एस संबंधित कार्यो को क्रियान्वित करने को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले के 4 पंचायतों में ठोस तरल एवं कचरा प्रबंधन से संबंधित कार्य किया जा रहा है जबकि 50 पंचायतों में इसकी कार्य योजना बना ली गई है। इसमें 16 ग्राम पंचायतों का ग्राम सभा से अनुमोदन होकर आ गया है।
अब इन 16 पंचायतों को फंड अलॉट करने की प्रक्रिया की जा रही है। शीघ्र इन पंचायतों को फंड उपलब्ध करा दिया जाएगा।इन सभी ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य किए जाएंगे।

बताया गया कि ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के तहत हर वार्ड में ठेला गाड़ी रहेगी। कचरे को इकट्ठा करने के लिए कर्मी रहेंगे। पंचायत पंचायत स्तर पर एक-एक ई-रिक्शा रहेगा ।वार्ड स्तर पर संग्रहण केंद्र बनाए जाएंगे।
प्रत्येक पंचायत में एक पर्यवेक्षक रहेंगे तथा प्रखंड स्तर पर एक कंप्यूटर ऑपरेटर और एक पर्यवेक्षक की प्रतिनियुक्ति होगी ।प्रत्येक घर को दो-दो डस्टबिन दिया जाएगा। ये सभी कार्य चिन्हित चार पंचायतों में किए जा रहे हैं। 16 अन्य पंचायतों में शीघ्र ही यह कार्य शुरू होगा जबकि इसके लिए फिलहाल 50 पंचायतों का चयन किया गया है।
शेष 34 ग्राम पंचायतों की कार्य योजना बना ली गई है। उन पंचायतों में भी ठोस तरल कचरा प्रबंधन को लेकर व्यापक विचार विमर्श किया गया। विदित हो ठोस /तरल कचरा प्रबंधन कार्यों का क्रियान्वयन करने के लिए वित्तीय वर्ष 2022- 23 में 50 पंचायतों को चिन्हित किया गया है।
बैठक में उप विकास आयुक्त मुजफ्फरपुर आशुतोष द्विवेदी,सहायक समाहर्ता श्रेष्ठ अनुपम निदेशक डीआरडीए चंदन चौहान, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी,डीपीएम जीविका सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
