पटना के बख्तियारपुर में बालिका वधु बनने से ना’बालिग बच गई। बख्तियारपुर थाना पुलिस ने चाइल्ड लाइन को फोन पर मिली सूचना पर 16 साल की लड़की की शादी रोकवा दी। बारात निकलने से पहले बिक्रम थाने की पुलिस ने 19 साल के दूल्हे को हिरासत में ले लिया। लड़की वाले लाख कहते रहे कि बेटी बा’लिग है पर प्रशासन ने एक न सुनी।
हालांकि लड़का बालिग था पर शादी के लिए तय उम्र 21 का नहीं हुआ था। मिली जानकारी के अनुसार बख्तियारपुर क्षेत्र के नयाटोला सिमरी बरियारपुर निवासी संजय राठौर की ना’बालिग पुत्री की शादी बिक्रम थाना क्षेत्र में तय थी। बरात गुरुवार 17 फरवरी को विक्रम से बख्तियारपुर आनी थी।

इधर, लड़की वालों ने शादी के लिए सारी तैयारी कर ली थी। खाने के साथ साज-सज्जा का पर काफी पैसे खर्च किए गए थे। बड़ी संख्या में लोग भी विवाह में भाग लेने के लिए पहुंच गए थे। लड़की वाले बरात का इंतजार कर ही रहे थे कि अचानक गुरुवार की रात बख्तियारपुर पुलिस घर पहुंच गई। पुलिस ने लड़की के नाबालिग होने की बात कह शादी रोके जाने की सूचना दी।

इस संबंध में थानाध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि गुरुवार की देर शाम एसडीएम को चाइल्ड लाइन से सूचना मिली कि नयाटोला सिमरी बरियारपुर में संजय राठौर की करीब 16 वर्षीय पुत्री की शादी होने वाली है।

पुलिस ने बताया कि किसी ग्रामीण के द्वारा चाइल्ड लाइन को नाबालिग की शादी होने की सूचना दी गई थी। जानकारी होने पर बख्तियारपुर पुलिस ने लड़की के घर पहुंचकर विवाह रोकवा दिया।

इस दौरान लड़की वाले बोलते रहे कि बेटी बालिग है। कहने के बाद भी वधू पक्ष के लोग बेटी के बालिग होने का साक्ष्य नहीं दे पाए। वहीं विक्रम पुलिस ने लड़के को हिरासत में ले लिया।
