मुजफ्फरपुर। निवर्तमान एमएलसी दिनेश प्रसाद सिंह से एक करोड़ रुपये की रं’गदारी मांगे जाने व ह’त्या की ध’मकी देने के मामले में पुलिस अब तक खाली हाथ है।
प्रा’थमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस मोबाइल नंबर का काल डिटेल्स निकालकर जांच में जुटी है, मगर अब तक अ’पराधी की गि’रफ्तारी नहीं होना पुलिस के लिए चु’नौती है। दूसरी ओर के’स के जांच अधिकारी ने एमएलसी व उनके निजी सचिव का ब’यान दर्ज किया।
इसके साथ ही कई बिंदुओं पर उनसे जानकारी ली। इसके आधार पर पुलिस आगे की का’र्रवाई में जुटी है। जांच के दौरान सिम निर्गत करने वाले दुकानदार को भी पुलिस ने र’डार पर लिया है।
पू’छताछ के लिए दुकानदार को जल्द ही हि’रासत में लिया जाएगा। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि उक्त सिम कार्ड फ’र्जी कागजात पर निर्गत किया गया है। इसलिए दुकानदार को सं’देह के घे’रे में लिया गया है।
उससे पू’छताछ कर पुलिस यह पता कर रही कि सिम लेने को कौन आया था। दूसरी ओर जांच के दौरान पुलिस ने दो सं’दिग्धों को हि’रासत में लिया था।
उन दोनों से पू’छताछ कर स’त्यापन की का’र्रवाई कर रही है। मालूम हो कि चार मार्च को एमएलसी के मोबाइल पर काल कर व मैसेज भेजकर एक करोड़ रुपये की रं’गदारी मांगी गई थी।
राशि नहीं देने पर एके 47 से ह’त्या कर देने की ध’मकी दी गई थी। मामले में एमएलसी के निजी सचिव ने सदर थाने में प्रा’थमिकी द’र्ज कराई थी।
