मुजफ्फरपुर : निजी अस्पतालों में म’रे 342 लोगों को अब मुआवजे की आस जगी है। इन लोगों ने अपने रिश्तेदारों को कोरोना की दूसरी लहर में खोया था,
लेकिन अस्पतालों की लापरवाही से इनकी आइडी स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर नहीं चढ़ाई गयी थी। इस कारण इनके आवेदन लंबित पड़े हुए थे।
खबड़ा के अमूल्य कुमार ने बताया कि उनके पिता का देहांत दूसरी लहर में एक निजी अस्पताल में हो गया था, लेकिन अस्पताल ने आईडी पोर्टल पर नहीं चढ़ाई।
इस कारण उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है। अमूल्य जैसे कई लोग निजी अस्पतालों की लापरवाही के कारण स्वास्थ्य विभाग के चक्कर लगा रहे थे।

