समस्तीपुर। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि वीआईपी को लेकर जो परिस्थिति बनी हुई है, उसे ज्यादा दिनों तक टाला नहीं जा सकता है।
विधान परिषद चुनाव को लेकर नामांकन वापस होने की तिथि के बाद इस पर फैसला लिया जाएगा। समस्तीपुर पत्रकारों के साथ बात कर रहे थे। पत्रकारों ने भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अजय निषाद के बयान पर सवाल पूछा कि क्या भाजपा से वीआईपी का संबंध खत्म हो गया है। वीआईपी अब एनडीए का हिस्सा नहीं है।
वीआईपी ने भाजपा प्रत्याशियों के खिलाफ अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं। इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें भी जानकारी मिली है। वीआईपी को लेकर जो परिस्थिति बनी है, उसे ज्यादा दिनों तक टाला नहीं जा सकता है। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि के बाद इस पर फैसला लिया जाएगा।
वे समस्तीपुर से भाजपा प्रत्याशी डॉ. तरुण कुमार के नामांकन के बाद आयोजित एनडीए की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री के द्वारा विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा पर की गई तल्ख टिप्पणी पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि सरकार में शामिल लोग ही इस पर जबाव दे सकते हैं।
वे सिर्फ संगठन पर ही बोलेंगे। जदयू के द्वारा फिर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग पर कहा कि केन्द्र सरकार पहले 34 प्रतिशत सहायता देती थी, जिसे बढाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। बिहार की बेहतरी के लिए केन्द्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर काम कर रही है उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है। एक सांसद को साल में एक करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए मिलते हैं। यदि इसे प्रखंडवार बांटे तो 70 से 80 लाख रुपये होता है। जबकि एक मुखिया को हर साल एक से दो करोड़ रुपये विकास के लिए दिए जाते हैं।

पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से गांवों को मजबूत करने का काम केन्द्र की नरेन्द्र मोदी की सरकार कर रही है। बिहार पहला राज्य है जिसने पचास प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया। अतिपिछड़ा समाज को आरक्षण देकर आगे बढाया। जिस जाति को पहले कोई पूछता तक नहीं था, उस जाति के लोग मुखिया, सरपंच, जिला परिषद सदस्य चुने जा रहे हैं। राज्य सरकार ने उनको सम्मान देने का काम किया है। इसलिए एनडीए राज्य की सभी चौबीसों सीटों पर जीत हासिल करेगी।
