23 मार्च 2021 के दिन बिहार विधानसभा के सदन के अंदर से लेकर बाहर तक विधायकों के साथ जो घ’टना घटी थी उसने देश भर का ध्यान अपनी ओर खींचा था, उसी घ’टना की गूंज आज एक साल बाद फिर से तब सुनाई पड़ी जब बिहार विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। सदन की का’र्यवाही शुरू होने के पहले ही सदन के अंदर से लेकर बाहर तक इस मुद्दे को विरोधी पार्टियों ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दो’षियों पर का’र्रवाई की मांग शुरू कर दी।
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सदन की कार्यवाही जब चल रही थी तब सदन के अंदर इस मांग को लेकर विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग की गई। तब सदन के अंदर संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि इस मामले में शुक्रवार को सरकार सदन में जवाब देगी लेकिन मंत्री जी के इस आश्वासन को विपक्ष समझने को तैयार नहीं था और हंगामा लगातार जारी रहा।

दरअसल पिछले साल 23 मार्च को ही बिहार विधानसभा परिसर में विधायकों के साथ पुलिसिया बदसलूकी और मा’रपीट की घ’टना हुई थी। इस घ’टना में कई विधायकों को गम्भीर चोट आई थी। आज उस घटना के पूरे एक साल हो गए हैं। इस घ’टना को लेकर बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी।

विजय सिन्हा ने कहा कि 17वें विधानसभा सत्र ने कई इतिहास को बनते देखा और इतिहास भी लिखा है। ये पहला मौका है जब पहली बार शत प्रतिशत सदन चला है, साथ ही साथ शत प्रतिशत प्रश्नों का जवाब भी सदन के अंदर विधायकों को ऑन लाइन के माध्यम से आया है।

विजय सिन्हा ने कहा कि इतिहास के अंदर कुछ ऐसी घटना नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव से प्रभावित हुई है, जो कोई दुखद घटना का एक पन्ना है लेकिन 17वीं विधानसभा सत्र एक किताब है तो ऐसे में हम एक पन्ना को याद नहीं रखेंगे। उस पन्ने को फाड़ कर फेंक देंगे, इसलिए क्योंकि किताब कलंकित न हो। किताब बढिया बने. ये हम सभी की सकारात्मक मानसिकता है।

