बिहार में गर्मी दिनों दिन अपने चरम पर पहुंच रही है। भीषण गर्मी व तेज धूप से सभी बेहाल नजर आ रहे हैं। गर्मी ने पिछले 22 साल का रिकार्ड तोड़ दिया हैं। यानि 22 साल के बाद ऐसी गर्मी अप्रैल में दिख रही है। मौसम के तेवर का आलम यह देखा जा रहा है कि सुबह होने के साथ लू जैसी स्थिति हो रही है। दोपहर में में घर से निकलना मुश्किल हो गया। राजधानी पटना में तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया। अभी 20 अप्रैल तक राहत के आसार नहीं है। आपदा विभाग को अब स्कूली बच्चों की चिंता भी सताने लगी है।

बिहार में गर्मी का आलम कुछ ऐसा है कि घर से बाहर निकलनेवाले लेाग चेहरे को कपड़ों से ढककर निकल रहे हैं। गर्मी के चलते सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आने लगा है। चालक सड़कों पर सवारियों का इंतजार करते दिखने लगे हैं। पेड़ की छांव से लेकर रिक्शा के छतरी के नीचे लोग दुबके दिख रहे हैं। शनिवार को शाम 5 बजे के बाद मौसम में कुछ नरमी आयी। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल गर्मी की यही स्थिति रहेगी। पारा बढ़ भी सकता हैं। रात का तापमान भी सामान्य से काफी अधिक हैं।

स्कूली बच्चों की चिंता भी बढ़ी
बिहार में गर्मी का तेवर बढ़ा तो आपदा विभाग को स्कूली बच्चों की चिंता भी सताने लगी। सभी जिलों को ये निर्देश दिये गये कि वो स्कूल के टाइमिंग को लेकर विचार करें. वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब स्कूल की टाइमिंग में बदलाव किया जा सकता है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए ऐसा फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि जब गर्मी ने भीषण रूप धारण किया तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी लोगों को बचकर रहने की सलाह दी थी।

कई जिलों में हीट वेब की स्थिति
सूबे के कई जिलों में हीट वेब की स्थिति है. जिससे आमजन जीवन के साथ ही जानवरों का हाल बेहाल हो गया. पछुआ हवा ने लोगों की समस्या काफी बढ़ा दिया है। जिससे दस बजे तक असहनीय गर्मी की शुरूआत हो जा रही है. जिससे लोग काफी प्रभावित हो गये है। असहनीय गर्मी के कारण कामगारों को भी रोजगार की समस्या उत्पन्न होने लगी है। गर्मी की वजह से आवासीय व देहाड़ी मजदूरों का जीवन अपेक्षाकृत प्रभावित हो गया है।
