पटना। राजधानी पटना के इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस में कोरोना संक्रमितों के 13 सैंपल की जिनोम सिक्वेंसिंग में ओमिक्रोन के नए वैरिएंट की पुष्टि हुई है। लगभग दो माह पूर्व के सैंपल की लैब में 10 दिन पहले जीनोम सिक्वेंसिंग की गई।

12 सैंपल में बीएन-टू वायरस मिला। जबकि, एक सैंपल में बीए.12 वायरस मिला है। संस्थान की माइक्रोबायोलाजी विभागाध्यक्ष डा. नम्रता कुमारी ने बताया कि सभी रिपोर्ट आई हैं।
बीए.12 की संक्रमण दर बीए.2 से अधिक है। हालांकि, उन्होंने कहा कि नए वैरिएंट एक्सई और बीए.12 वैरिएंट को लेकर अधिक डाटा उपलब्ध नहीं है। कई देशों में बीए.12 पहले ही आ चुका है। बिहार में यह पहली बार मिला है। इस वैरिएंट को लेकर रिसर्च किया जा रहा है।
पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में बुधवार को एक डाक्टर समेत दो कोरोना संक्रमित मिले। डाक्टर को दो दिन पहले सर्दी-खासी और हल्की बुखार की शिकायत हुई। जांच में उनकी कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट पॉजीटिव मिली। वह कुछ दिन पहले ही दूसरे शहर से पटना लौटे हैं।
इसके अतिरिक्त एक स्टाफ नर्स की मां कोरोना संक्रमित पाई गई। सभी होम क्वारंटाइन हैं। दोनों में से किसी को कोरोना से खास परेशानी नहीं है। किसी को भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी है। गौरतलब है कि एक बार फिर कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। चौथी लहर की आशंका के मद्देनजर राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट हो गई है। किसी भी आपात स्थिति से निबटने के लिए अस्पतालों को तैयार कर दिया गया है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि अस्पतालों में पूरी व्यवस्था कर दी गई है। हम कोरोना के मुकाबले को तैयार हैं।
