पटना। जदयू के अंदर एक समय गुटबाजी की चर्चा पोस्टर से शुरू हुई और फिर यह पोस्टर पर ही इसे खत्म करने की बात तय हुई है। मामला यह है कि अब बिहार में जदयू की ओर से होने वाले किसी आयोजन के पोस्टर-बैनर में नीतीश कुमार के अलावा किसी और की तस्वीर नहीं रहेगी।
यहां तक कि बड़े तोरणद्वार पर भी निवेदक की तस्वीर नहीं रहेगी। जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा का कहना है कि इस आदेश के लिए उन्होंने उच्च स्तर पर अनुमति लेने के बाद ही निर्देश जारी किया है।
जदयू में खेमेबाजी की चर्चा उस समय पोस्टर से ही आगे बढ़ी थी जब आरसीपी सिंह केंद्र में मंत्री बनने के बाद पहली बार पटना आ रहे थे। उस समय उनके समर्थक अभय सिंह कुशवाहा ने उनके स्वागत में पार्टी दफ्तर के समीप एक बड़ा सा फ्लेक्स लगाया था जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के तस्वीर को ही गायब कर दिया गया था।
इस बड़े फ्लेक्स के मामले ने इस तरह से तूल पकड़ा कि अभय सिंह कुशवाहा को इसे हटाना पड़ा था। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि बहुत से मामलों में यह देखा गया है कि नेताओं के समर्थक अपने पसंद के नेता की तस्वीर के साथ निवेदक के रूप में अपनी तस्वीर डालकर उसे चमकाने लगते हैं।
हाल ही में पार्टी द्वारा आयोजित दावत ए इफ्तार में भी इसे नोटिस में लिया गया। इसे भी पार्टी द्वारा अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसा इसलिए कि पार्टी ने यह स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि नीतीश कुमार के अलावा किसी अन्य नेता की तस्वीर जदयू के फ्लेक्स या पोस्टर पर नहीं दिखेगी। पार्टी के किसी भी आयोजन यहां तक कि प्रकोष्ठ के कार्यक्रम में भी सिर्फ नीतीश कुमार की तस्वीर दिखेगी।
