जैतपुर ओपी के एक गांव में किशोरी के अपहरण और गैं’गरेप की घटना में पुलिस को शनिवार को कुछ ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग मिली है। इस आधार पर गैंगरेप और किशोरी से आरोपित वसीम खान के संबंध के साक्ष्य मिल रहे हैं। ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग के बाद पुलिस ने बुधवार को आरोपित का मोबाइल जब्त कर लिया। कॉल रिकॉर्ड खंगालने लेने के लिए साइबर सेल को आवेदन दिया गया है। घटना के पहले और बाद में वसीम ने जिनसे मोबाइल पर बात की है, उन्हें जांच की रडार पर लिया जाएगा।

वहीं, जैतपुर ओपी प्रभारी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए एसकेएमसीएच में संपर्क किया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिल सकी। पैथोलॉजिकल जांच रिपोर्ट मिलने के बाद बोर्ड पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी करेगी। हालांकि, मौखिक रूप से बोर्ड ने पुलिस को मृतका के अंग में जख्म की जानकारी दी है। गैंगरेप के तीन आरोपितों को पुलिस घटना के तीन दिनों बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। तीनों के गांव छोड़ देने की जानकारी मिल रही है। गांव में कई घरों में ताला लटक रहा है। कई घरों से युवकों को हटा दिया गया है। महिलाएं घर पर हैं।

इधर, गांव में तनाव के मद्देनजर पुलिस गश्त लगा रही है। पीड़ित पक्ष ने शनिवार को पुलिस से संपर्क कर कार्रवाई की जानकारी मांगी। उन्हें जांच जारी रहने की बात बताई गई। किशोरी के मामा ने बताया कि पुलिस सटीक जानकारी नहीं दे रही है। एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।पुलिस को कुछ ऑडियो कॉल रिकॉर्ड मिले हैं। इसमें कुछ बातें सामने आ रही हैं। इस आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद गैंगरेप की जानकारी हो सकेगी। फिलहाल, कुछ मोबाइल नंबरों का सीडीआर लेकर छनबीन की जा रही है।

जैतपुर ओपी की पुलिस की बड़ी लापरवाही पर परिजन सवाल उठा रहे हैं। घटना के दो दिन बाद तक पुलिस पीड़ित पक्ष का बयान लेकर कार्रवाई करने के बजाय आरोपित वसीम के बयान पर जांच करती रही। इससे घटनास्थल से साक्ष्य मिटाने का पर्याप्त समय आरोपितों को मिला। अबतक घटनास्थल व इसके आसपास पुलिस ने एफएसएल से जांच नहीं कराई। साथ ही आरोपित के कपड़े व मृतका के कपड़े जब्त कर एफएसएल में जांच के लिए नहीं भेजे गए।

किशोरी के मामा ने बताया कि कि 27 अप्रैल की रात 10 बजे जब जूरनछपरा के निजी अस्पताल में जैतपुर और ब्रह्मपुरा पुलिस पहुंची, तब चिकित्सकों ने स्पष्ट कर दिया था कि किशोरी के अंदरूनी अंग में जख्म है। फिर भी पुलिस ने पीड़िता की मां व अन्य परिजनों का बयान दर्ज नहीं किया, बल्कि वसीम के बयान पर प्रेम-प्रसंग की तह खंगालती रही। जूरनछपरा अस्पताल में किशोरी मां को सारी बात बता चुकी थी। अपहरण के बाद रात 11:47 बजे मोबाइल नंबर 9113142… से जब कॉल आई तो किशोरी के रोने-चिल्लाने व घिघियाने की आवाज आ रही थी। फिर 27 अप्रैल की सुबह 6.40 बजे उसी नंबर से कॉल आया, लेकिन इस बार कोई आवाज स्पष्ट नहीं थी। अस्पताल में किशोरी ने मां को बताया था कि वसीम खान, मो. उमर खान, मो. शबीर और शाहिद उर्फ लड्डू व अन्य अज्ञात ने मिलकर गैंगरेप किया था। किशोरी की 28 अप्रैल की रात इलाज के दौरान एसकेएमसीएच में मौत हो गई। बता दें कि एडीजी कमजोर वर्ग ने एसओपी में स्पष्ट किया है कि गैंग रेप व हत्या जैसे कांड में पर्यवेक्षण अधिकारी दो दिन के अंदर निर्देश जारी करेंगे, जबकि पांच दिन के अंदर रिपोर्ट टू जारी कर दी जाएगी। यहां अबतक पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी पुलिस नहीं ले सकी है।