देवरिया निवासी बैट्री व्यवसायी कुंदन साह की हत्या में शनिवार को एडीजे 19 राजीव रंजन सिंह ने मृतक के भाई शिवनाथ साह व उनके साले वीरेंद्र साह को दोषी ठहराया। सजा के बिंदू पर सुनवाई के लिए छह मई की तिथि निर्धारित की गई है।

घटना 25 अगस्त 2004 को घटी थी। इस संबंध में देवरिया थाना क्षेत्र के विशुनपुर सरैया निवासी कुंदन साह की पत्नी पूनम देवी ने देवरिया थाने (तत्कालीन पारू थाना) में दोनों पर एफआईआर करायी थी।

मृतक की पत्नी ने पुलिस को बताया कि 25 अगस्त 2004 की रात मैं पति के साथ घर पर थी। इस दौरान देवर शिवनाथ व मुखिया चौक निवासी उसका साला वीरेंद्र साह आये। पति को महावीरी झंडा का मेला दिखाने के लिए देवरिया कमेटी भवन के पास ले गए। देर रात तक तीनों नहीं लौटे। इस बीच सुबह में बाया नदी में एक लाश मिलने की सूचना मिली।

वहां पहुंचने पर पति का शव देखा। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर जख्म के निशान मिले। पूनम देवी ने दावा किया कि घर की हिस्मेदारी को लेकर दोनों ने पति की हत्या कर दी।

उक्त घटनाक्रम की जानकारी देते हुए एपीपी कृष्णदेव साह ने बताया कि पुलिस ने 29 जनवरी 2005 को दोनों पर चार्जशीट की थी। आरोपितों ने दो नवंबर 2004 को कोर्ट के समक्ष सरेंडर किया था। इसके बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।