पीएम पोषण योजना के तहत जिले के सरकारी स्कूलों में संचालित मध्याह्न भोजन में गड़बड़ी की जा रही है। राज्य मुख्यालय को सरकारी स्कूलों में जिले के एक लाख से अधिक बच्चों को मध्याह्न भोजन मिल रहा है या नहीं, इसकी जानकारी ही नहीं है। विभाग की ओर से 26 से 28 तक तीन दिनों में की गई समीक्षा के क्रम में जिले के कुल 3036 में से 416 स्कूलों को चिह्नित किया है।

इन स्कूलों में करीब एक लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन स्कूलों की ओर से मध्याह्न भोजन के संचालन की अपडेट नहीं दी गई। 183 स्कूल के प्रधानाध्यापकों ने राज्य मुख्यालय का फोन नहीं उठाया तो चार का फोन लगा ही नहीं। 229 स्कूलों की ओर से मध्याह्न भोजन के संचालन के बारे में जानकारी नहीं दी गई। ऐसे में जिले के कुल 416 स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना के संचालन की जानकारी विभाग को नहीं मिली है।

योजना के उप निदेशक मोतीउर रहमान ने डीपीओ पीएम पोषण योजना को पत्र भेजा है। कहा है कि ऐसे स्कूल के प्रधानाध्यापकों से इसका कारण पूछें। साथ ही संबंधित प्रखंड साधन सेवियों से भी जानकारी लें। स्कूलों का औचक निरीक्षण करें। यदि मध्याह्न भोजन का संचालन नहीं हो रहा हो तो ऐसी स्थिति में प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई करें।

मध्याह्न भोजन योजना के तहत शुक्रवार को बच्चों को दी जाने वाली हरी सलाद को मेनू से हटा दिया गया है। पीएम पोषण योजना के निदेशक सतीश चंद्र झा ने इसको लेकर डीईओ और डीपीओ को निर्देश दिया है। कहा है कि समीक्षा के क्रम में पाया गया कि हरी सलाद काटे जाने के तुरंत बाद उपयोग में नहीं लाए जाने पर वह खाने योग्य नहीं रह जाती।

ऐसी स्थिति में उसके सेवन से बच्चों के सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में हरी सलाद को मेनू से हटाकर उसके स्थान पर पुलाव में हरी सब्जी मिलाकर देना है।