बथनाहा थाना क्षेत्र अंतर्गत पूर्वी पंचायत के मुखिया मंतोरण देवी के पुत्र अनिल राम (25) की सोमवार रात संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत को हत्या करार दिया जा रहा है। सुबह होते ही हत्या के विरोध में लोग सड़क पर उतर आए। प्रखंड मुख्यालय के समीप एनएच-104 पथ को बांस-बल्ले से जाम कर टायर जला विरोध-प्रदर्शन कर अपने गुस्से का इजहार करने लगे।

वे हत्यारों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग पर डटे हुए हैं। रात में ही एसडीएम सदर राकेश कुमार व एसडीपीओ सदर रमाकांत उपाध्याय पहुंच गए। ईद के ऐन मौके पर इस वारदात से पुलिस व प्रशासन दोनों अलर्ट है। रामनगरा गांव के समीप एनएच-77 पर एक सीमेंट गोदाम के पास मुखिया पुत्र का खून से लथपथ शरीर हाइवे पर मरणासन्न पड़ा हुआ था।

चेहरा कुचला हुआ और हाथ भी बंधा हुआ था। इस अवस्था में सड़क पर अनिल राम गिरेे हुए मोटरसाइकिल के ऊपर पड़ा हुआ था। मानों जानलेवा हमला को दुर्घटना करार देने की साजिश रची गई हो। गंभीर हालत में अनिल को पहले सीतामढ़ी शहर के एक निजी नर्सिंग होम ले जाया गया। लेकिन डाॅक्टर ने भर्ती लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद सदर अस्पताल ले जाया गया लेकिन, अनिल ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मृतक के पिता चंद्र राम जन वितरण प्रणाली की दुकान चलाते हैं। उसकी मां मंतोरण देवी इस बार दोबारा मुखिया निर्वाचित हुई हैं।

प्रत्याक्षदर्शी इसको हत्या करार दे रहे हैं। हालांकि, थानाध्यक्ष अशोक कुमार का कहना है कि अभी छानबीन चल रही है। अनिल शादीशुदा था। उसको दो बेटियां हैं जिनमें एक दो साल तो दूसरी अभी चार माह की है। अनिल ही मुखिया का प्रतिनिधि भी था। उसकी मां उस दौर में दूसरी बार मुखिया निर्वाचित हुई हैं जब अधिकतर मुखिया औंधे मुंह गिरे।

उप प्रमुख चंद्रकला सिंह के पुत्र व उनके प्रतिनिधि अप्पू कुमार का कहना है कि रामनगरा गांव के समीप एनएच-77 पर सीमेंट गोदाम के पास अधमरे अवस्था में हाथ बंधा हुआ और मुंह पर भोथड़े पदार्थ से प्रहार होने के अंदेशे से इसको हत्या ही करार दिया जा रहा है।